Hanuman Chalisa

जानिए श्री कृष्ण के बाल सखा के नाम

अनिरुद्ध जोशी
भगवान श्रीकृष्ण के वैसे तो कई सखा अर्थात मित्र या दोस्त थे लेकिन बचपन में कुछ खास सखा थे। इन बाल सखाओं और सखियों के साथ श्रीकृष्ण ने अपना बचपन गुजारा था। लगभग 11 वर्ष की उम्र तक इन सखाओं के साथ रहे थे। कंस वध के लिए उन्हें गोकुल-वृंदावन को छोड़कर मथुरा जाना पड़ा था वहां भी उनके कई सखा बने था। फिर कंस वध के बाद उन्हें मथुरा को भी छोड़ना पड़ा था। उस दौरान उनके कुछ खास सखा ही उनके साथ रहे थे। आओ सभी के नाम जानते हैं।
 
 
भगवान श्रीकृष्ण के कई बाल सखा थे। जैसे मधुमंगल, सुबाहु, सुबल, भद्र, सुभद्र, मणिभद्र, भोज, तोककृष्ण, वरूथप, श्रीदामा, सुदामा, मधुकंड, विशाल, रसाल, मकरन्‍द, सदानन्द, चन्द्रहास, बकुल, शारद और बुद्धिप्रकाश आदि। उद्धव और अर्जुन बाद में सखा बने। बलराम उनके बड़े भाई थे और सखा भी।
 
 
पुष्टिमार्ग के अनुसार अष्टसखा : कृष्ण की बाल एवं किशोर लीला के आठ आत्मीय संगी- कृष्ण, तोक, अर्जुन, ऋषभ, सुबल, श्रीदामा, विशाल और भोज।
 
 
बाल सखियां : ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार सखियों के नाम इस तरह हैं- चन्द्रावली, श्यामा, शैव्या, पद्या, राधा, ललिता, विशाखा तथा भद्रा। कुछ जगह ये नाम इस प्रकार हैं- चित्रा, सुदेवी, ललिता, विशाखा, चम्पकलता, तुंगविद्या, इन्दुलेखा, रंगदेवी और सुदेवी। कुछ जगह पर ललिता, विशाखा, चम्पकलता, चित्रादेवी, तुंगविद्या, इन्दुलेखा, रंगदेवी और कृत्रिमा (मनेली)। इनमें से कुछ नामों में अंतर है।
 
 
अष्ट सखियां : हालांकि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार ये श्रीजी राधारानी की 8 सखियां थीं। अष्टसखियों के नाम हैं- 1. ललिता, 2. विशाखा, 3. चित्रा, 4. इंदुलेखा, 5. चंपकलता, 6. रंगदेवी, 7. तुंगविद्या और 8. सुदेवी। राधारानी की इन आठ सखियों को ही "अष्टसखी" कहा जाता है। श्रीधाम वृंदावन में इन अष्टसखियों का मंदिर भी स्थित है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

Eid-ul-Azha 2026: ईद उल अजहा का इतिहास और मुख्य संदेश

जून में होने वाला है सबसे शुभ ग्रह का बड़ा परिवर्तन, 3 राशियों के पलट जाएंगे दिन

बैठे-बैठे पैर हिलाना शुभ या अशुभ? ज्योतिष में छिपे हैं ये 5 बड़े संकेत

Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 मई, 2026)

अगला लेख