khatu shyam baba

भगवान श्रीकृष्ण प्रतिदिन करते हैं ये 5 कार्य

अनिरुद्ध जोशी
यह तो सभी जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्म मथुरा में कंस के कारागार में हुआ। गोकुल और वृंदावन में उनका बचपन बिता और फिर किशोरावस्था में वे मुथरा में रहकर कंस वध के बाद जरासंध से युद्ध करते रहे। बाद में उन्होंने प्रभाष क्षेत्र में समुद्र के किनारे बसी उजाड़ नगरी कुशस्थली पर द्वारिका नगर का निर्माण कराया और वे वहां रहने लगे। प्रभास क्षेत्र में ही उन्होंने देह त्याग दी थी। इस विशिष्ट स्थल या देहोत्सर्ग तीर्थ नगर के पूर्व में हिरण्या, सरस्वती तथा कपिला के संगम पर बताया जाता है। इसे प्राची त्रिवेणी भी कहते हैं। इसे भालका तीर्थ भी कहते हैं। आओ जानते हैं प्रभु श्रीकृष्ण की दिनचर्या क्या है या वे प्रतिदिन क्या करते हैं।
 
 
1. कहते हैं कि प्रभु श्रीकृष्ण प्रतिदिन उत्तराखंड में चमोली में स्थित बद्रीनाथ धाम में सरोवर में स्नान करते हैं। 
 
2. स्नान करने के बाद श्रीकृष्ण गुजरात के समुद्र तट पर स्थित द्वारिका धाम में अपने वस्त्र बदलते हैं।
 
3. द्वारिका में वस्त्र बदलने के बाद प्रभु श्रीकृष्ण ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ धाम में भोजन करते हैं।
 
4. जगन्नाथ में भोजन करने के बाद प्रभु श्रीकृष्ण तमिलनाडु के रामेश्वरम धाम में विश्राम करते हैं। विश्राम करने के बाद भगवान पुरी में निवास करते हैं। 
 
5. इस दौरान प्रभु श्रीकृष्ण अपने भक्तों की सेवा भी करते हैं। जो भी भक्त उन्हें पुकारता है वे वहां तुरंत ही उपस्थित हो जाते हैं।
 
6. प्रभु अपने सभी प्रमुख धाम की आरती भी ग्रहण करते हैं।
 
7. समय-समय पर प्रभु वृंदावन के निधिवन और मथुवन में रास भी करते हैं। वहां के मंदिरों में भ्रमण भी करते हैं।


सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

ग्रहों के बदलाव से 19 मार्च के बाद 5 राशियों का जीवन पूरी तरह से बदल जाएगा

गुरु होंगे मार्गी: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 13 दिसंबर तक मिलेगा बड़ा लाभ

Gudi padwa 2026: गुड़ी पड़वा कब है, क्या महत्व है इसका?

क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है? ग्रह गोचर से मिल रहे चौंकाने वाले संकेत

कुंभ राशि में अंगारक और ग्रहण योग के कारण 4 राशियों को 2 अप्रैल तक रहना होगा सावधान

सभी देखें

धर्म संसार

सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन 6 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के नए रास्ते

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या कब है क्या है इसका महत्व?

नवरात्रि में कैसे करें घटस्थापना? जानें कलश पूजन की संपूर्ण विधि

चैत्र नवरात्रि 2026: घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें कलश स्थापना का सही समय

Papamochani Ekadashi Katha 2026: पापमोचिनी एकादशी की कथा कहानी

अगला लेख