Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Solar eclipse 2025: सूर्य ग्रहण का 12 राशियों पर क्या होगा प्रभाव, जानिए राशिफल

Advertiesment
हमें फॉलो करें सूर्य ग्रहण 2025

WD Feature Desk

, शनिवार, 13 सितम्बर 2025 (12:40 IST)
Solar eclipse 2025: 21 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण कन्या राशि में लगेगा और सर्व पितृ अमावस्या के दिन पड़ रहा है। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद, ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा।
 
सूर्य ग्रहण 2025 का 12 राशियों पर संभावित प्रभाव:
 
1. मेष: करियर में दबाव होने बावजूद कामकाज में सफलता मिलेगी। सेहत का ध्यान रखना होगा। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। व्यापार में लाभ होगा। 
 
2. वृषभ: आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आ सकता है। भाई बहनों के साथ छोटी-मोटी परेशानियां हो सकती हैं। नौकरी और करोबार के लिए मिलाजुला प्रभाव। 
 
3. मिथुन: परिवार में अशांति और मानसिक बेचैनी महसूस हो सकती है। हालांकि नौकरी और कारोबार में सफलता मिलेगी।
 
4. कर्क: मानसिक तनाव और परिजनों की चिंता हो सकती है। जिम्मेदारी बढ़ सकती है। कोई भी बड़ा जोखिम लेने से बचें।
 
5. सिंह: रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है। करियर और आर्थिक मामलों में चुनौतियां देखने को मिल सकती हैं।
 
6. कन्या: चूंकि ग्रहण कन्या राशि में ही लग रहा है, इसलिए सतर्कता से काम लें। नौकरी-व्यापार में सकारात्मक बदलाव की संभावना।
 
7. तुला: खर्चों में वृद्धि और विवाद की संभावना है। धैर्य से काम लें और सोच-समझकर फैसले लें।
 
8. वृश्चिक: अचानक लाभ या हानि हो सकती है। नौकरी में बदलाव की संभावना। रिश्तों में सुधार होगा।
 
9. धनु: करियर और विदेश मामलों में रुकावट आ सकती है। इसलिए सारा ध्यान काम पर केंद्रित रहेगा। नई नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार में लाभ होगा।
 
10. मकर: नौकरी और निजी जीवन में बदलाव आ सकते हैं। परिवार में मतभेद होने की संभावना है। कारोबार में कम लाभ की संभावना। 
 
11. कुंभ: मित्रों से विवाद हो सकता है। आर्थिक स्थिति को लेकर सतर्क रहें।
 
12. मीन: मानसिक तनाव, सरकारी मामलों में बाधा। सेहत का ध्यान रखें। मिलाजुला असर होगा। 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

shraddha Paksha 2025: श्राद्ध पक्ष में अष्टमी तिथि का श्राद्ध कैसे करें, जानिए कुतुप काल मुहूर्त और सावधानियां