ओलंपिक स्थगित होने से निराश हूं, पता नहीं अगले साल क्या होगा : भावना जाट

Webdunia
मंगलवार, 14 अप्रैल 2020 (17:08 IST)
नई दिल्ली। भारत में अधिकांश खिलाड़ी कोरोना वायरस महामारी के कारण ओलंपिक स्थगित करने को अभ्यास के लिए अधिक समय मिलने के रूप में देख रहे हैं लेकिन पैदल चाल खिलाड़ी भावना जाट को लगता है कि यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि अगले साल भी खेल हो सकेंगे। 
 
फरवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अप्रत्याशित जीत दर्ज करके ओलंपिक 20 किलोमीटर पैदल चाल के लिए क्वालीफाई करने वाली भावना का मानना है कि महामारी के कारण भविष्य अभी अनिश्चित ही लग रहा है। 
 
उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक स्थगित होने से मैं निराश हूं क्योंकि मैं अच्छी तैयारी कर रही थी और फॉर्म में थी। मार्च में जापान में एशियाई चैंपियनशिप होनी थी जो स्थगित हो गई।’ 
 
भावना ने कहा, ‘अभी यह तय नहीं है कि खेल कब बहाल हो सकेगा। इस साल का सत्र तो खत्म ही लग रहा है। यह शुक्र है कि मैं पहले ही ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी हूं।’ 
 
उन्होंने कहा, ‘पता नहीं अगले साल क्या होगा। मुझे शून्य से शुरुआत करनी होगी। पता नहीं ओलंपिक अगले साल भी होंगे या नहीं।’ वह इस समय बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण के केंद्र पर है जहां महिला और पुरुष हॉकी टीमें भी हैं। (वार्ता)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

INDvsNZ सीरीज के बाद इन 4 में से 2 सीनियर खिलाड़ियों हमेशा के लिए होंगे ड्रॉप

पहले 68 साल में सिर्फ 2 टेस्ट तो भारत में इस सीरीज के 10 दिनों में 3 टेस्ट मैच जीती न्यूजीलैंड

IPL को रणजी के ऊपर तरजीह देने के कारण ROKO हुए बर्बाद, सचिन गांगुली नहीं करते ऐसी गलती

श्रीलंका और भारत में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गंभीर पर उठ रहे सवाल

टेस्ट इतिहास का सबसे अनचाहा रिकॉर्ड बनने पर रोहित शर्मा बोले यह सबसे खराब दौर

सभी देखें

नवीनतम

IPL 2025 Mega Auction : श्रेयस अय्यर इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी, हुए जिंटा की टीम में शामिल

LIVE: IPL 2025 Mega Auction इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने ऋषभ पंत

विराट कोहली ने 491 दिनों बाद जड़ा शतक, तेंदुलकर और गावस्कर को छोड़ा पीछे

मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा तो विश्व चैम्पियनशिप में मेरे पास मौके होंगे: गुकेश

IND vs AUS : डेब्यू के वक्त घबराए हुए थे हर्षित राणा, गंभीर और माता-पिता के शब्दों ने की थी मदद

अगला लेख