Hanuman Chalisa

शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 79 अंक मजबूत

Webdunia
सोमवार, 14 अगस्त 2023 (20:32 IST)
Share Market Update : गिरावट से उबरते हुए स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 79.27 अंक की बढ़त में रहा। वहीं निफ्टी भी 6.25 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 19,434.55 अंक पर बंद हुआ।
 
यूरोपीय बाजारों में अच्छी शुरुआत के बीच कारोबार के अंतिम घंटे में सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस में लिवाली से बाजार को समर्थन मिला। 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 79.27 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 65,401.92 अंक पर बंद हुआ।
 
कारोबार के दौरान एक समय यह 500.77 अंक टूटकर 64,821.88 अंक पर आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 6.25 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 19,434.55 अंक पर बंद हुआ।
 
कोटक सिक्योरिटीज लि. के शोध प्रमुख (खुदरा) श्रीकांत चौहान ने कहा, एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख से बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दूसरी तरफ यूरोपीय बाजारों में सुधार से आईटी शेयरों में तेजी के साथ स्थानीय शेयर बाजार को समर्थन मिला। हालांकि चीन में मांग में नरमी तथा कीमतों में गिरावट के साथ विकसित देशों में नीतिगत दर में और वृद्धि की संभावना से बाजार पर असर पड़ा।
 
उन्होंने कहा, इस महीने विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से भी निवेशक चिंतित नजर आए। इससे कारोबारियों ने निवेश को सीमित किया। सेंसेक्स के शेयरों में इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, नेस्ले, एक्सिस बैंक, विप्रो और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
 
नुकसान में रहने वाले शेयरों में जेएसडब्ल्यू स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। बीएसई ‘स्मॉलकैप’ सूचकांक 0.50 प्रतिशत जबकि ‘मिडकैप’ 0.44 प्रतिशत नुकसान में रहे।
 
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख से घरेलू बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। कमजोर घरेलू औद्योगिक आंकड़े के साथ चीन से मांग को लेकर चिंता से गिरावट को बल मिला। हालांकि बाद में दोनों सूचकांक शुरुआती नुकसान से उबरने में कामयाब रहें।
 
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। हालांकि यूरोप के ज्यादातर प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे थे।
 
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईंधन के दाम में नरमी से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में लगातार चौथे महीने जुलाई में गिरावट आई और यह शून्य से नीचे 1.36 प्रतिशत रही। दूसरी तरफ सब्जियों तथा अन्य खाने का सामान महंगा होने से खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में उछलकर 15 महीने के उच्च स्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई।
 
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 3,073.28 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बेचे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.52 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मंगलवार को बंद रहेंगे।
Edited By : Chetan Gour (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Hormuz पर IEA की रेड जोन वॉर्निंग, क्या इसके मायने, भारत पर क्या होगा असर, हालात सामान्य होने में कितना समय लगेगा

India Weather : आने वाले दिनों में देश में मौसम के दो रूप, कहीं Heat Wave का प्रकोप, कहीं आंधी, तूफान, बारिश, IMD ने चेतावनी में क्या कहा

Cockroach Janta Party की लोकप्रियता से क्यों परेशान हैं अभिजीत दिपके के माता-पिता, डर के साथ उड़ी हुई है नींद

अमेरिका-ईरान युद्ध से हज पर कितना असर? सऊदी अरब के शक्ति प्रदर्शन से मिडिल ईस्ट में घबराहट

Cockroach Janta Party पर पाकिस्तान कनेक्शन का आरोप, अभिजीत दिपके ने बताया क्या है सच

सभी देखें

नवीनतम

बटेश्वर धाम में आस्था और आधुनिकता का दिखेगा संगम, बनेगा वैश्विक पर्यटन केन्द्र

मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण में योगी सरकार की रफ्तार तेज, 88.16% कर्मचारियों ने पूरे किए 4 से अधिक मॉड्यूल

Hormuz पर IEA की रेड जोन वॉर्निंग, क्या इसके मायने, भारत पर क्या होगा असर, हालात सामान्य होने में कितना समय लगेगा

CM योगी प्रेरणा से राष्ट्रशक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल बन रहा गो संरक्षण

आरबीआई ने खोला खजाना, सरकार को देगी 2.87 लाख करोड़ लाभांश, क्‍या आम आदमी को मिलेगी राहत?

अगला लेख