Hanuman Chalisa

केसरिया उड़द बूंदी है भैरव का सबसे प्रिय व्यंजन, घर पर इस तरह बनाएं उनका यह प्रसाद

राजश्री कासलीवाल
सामग्री : 
 
1 कटोरी उड़द, डेढ़ कटोरी चीनी, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, थोड़ा-सा दूध, 1 चुटकी मीठा पीला अथवा लाल रंग, तलने के लिए शुद्ध घी, पाव कटोरी मेवे की कतरन, कुछेक केसर के लच्छे। 
 
विधि : 
 
सबसे पहले धुली उड़द (छिलके रहित) दाल को अच्छे से साफ करके धो लें और 2 घंटे के लिए पानी में भिगो कर रख दीजिए। फिर उड़द दाल का अतिरिक्त पानी निथार कर मिक्सी में डालकर बारीक पीस लीजिए। अब उसमें चुटकी भर मीठा पीला रंग मिलाकर घोल तैयार कर लीजिए। 
 
अब एक भगोने में पानी एवं चीनी मिलाकर एक तार की चाशनी तैयार कर लें। चाशनी में थोड़ा-सा रंग और केसर को बारीक मसलकर डाल दीजिए। साथ ही पिसी इलायची भी डाल दें।
 
फिर एक कड़ाही में घी गर्म करके छेद वाले झारे की सहायता से थोड़ी-थोड़ी बूंदी बना कर चाशनी में डालते जाइए। इस तरह पूरे घोल की बूंदी बना लें। जब बूंदी पूरी तरह चाशनी पी लें, तब उसे एक बर्तन में अलग भर कर रख दीजिए।

अब ऊपर से मेवे की कतरन बुरकाएं तथा उड़द दाल की केसरिया बूंदी से भगवान को भोग लगाएं। आसान तरीके से घर पर तैयार की गई इस शुद्ध केसरिया बूंदी से भगवान अवश्‍य प्रसन्न होंगे।

ALSO READ: अष्टमी पर बेसन के लड्डू से काल भैरव को लगाएं भोग, वे होंगे प्रसन्न, देंगे वरदान

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Makar Sankranti Quotes: पतंग की उड़ान और तिल गुड़ की मिठास के साथ, अपनों को भेजें ये 10 सबसे खास शुभकामना संदेश

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

Traditional Bihu Recipes: असमिया बिहू रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और संस्कृति का संगम

Pongal Recipes: पोंगल के दिन के लिए 5 सुपर स्वादिष्ट रेसिपी और व्यंजन

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

सभी देखें

नवीनतम

Republic Day Essay 2026: गणतंत्र दिवस 2026: पढ़ें राष्ट्रीय पर्व पर बेहतरीन निबंध

Gahoi Diwas गहोई दिवस: गहोई वैश्य समाज का गौरवपूर्ण पर्व

Indian Army Day status: वर्दी की शान, देश का सम्मान... 15 जनवरी, इंडियन आर्मी डे पर भेजें ये 11 बेहतरीन शुभकामना संदेश

Indian Army Day: थल सेना दिवस: हर सैनिक के साहस को नमन

अदरक का स्वाद जानें या नहीं, फ्रूटी का स्वाद खूब जानते हैं वृंदावन के बंदर

अगला लेख