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हरतालिका तीज के दिन महिलाएं करती हैं ये 9 कठिन कार्य और अपनाती हैं ये कड़े नियम

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श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की हरियाली तीज के बाद प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसारइस बार यह व्रत 9 सितंबर 2021, गुरुवार को रखा जाएगा। आओ जानते हैं कि इस दिन महिलाएं कौनासे 9 कार्य करती हैं।
 
 
1. निर्जला व्रत रखती हैं महिलाएं : हरितालिका तीज के दिन सुहागन स्त्रियां कड़ा व्रत रखती हैं जिसके नियम भी कड़े रहते हैं। इस व्रत में किसी भी प्रकार से अन्न-जल ग्रहण नहीं किया जाता है। अगले दिन सुबह पूजा के बाद जल पीकर व्रत खोलने का विधान है।
2. आठों प्रहर होती है पूजा : इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू रेत और काली मिट्टी की प्रतिमा हाथों से बनाकर इनकी पूजा का प्रारंभ सूर्यास्त के बाद प्रदोषकाल से किया जाता है जो सुबह पराण तक जारी रहता है।
 
3. रातभर गाती है भजन : इस व्रत में महिलाएं को रातभर जागकर भजन-कीर्तन करती हैं या लोगगीत गाती है।
 
4. रातभर जागना होता है जरूरी : इन दिन महिलाओं को रातभर जागना जरूरी होता है, क्यों आठों प्रहर पूजा भी करना होती है और यह भी मान्यता या अंधविश्वास है कि जो महिला सो जाती है उसे अजगर या मगरमच्छ की योनि प्राप्त होती है।
 
5. एक बार व्रत रख लिया तो रखना होता है जीवनभर : मान्यता है कि यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना प्रारंभ कर देती हैं तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है। बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है।
 
6. ऐसे करें पूजा : पूजा स्थल को फूलों से सजाकर एक चौकी रखकर उस पर केले के पत्ते बिछाएं और भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पार्वती को सुहाग की सारी वस्तुएं और शिवजी को धोती व अंगोछा अर्पित करके षोडशोपचार पूजन करें। फिर तीज की कथा सुनें और रात्रि जागरण करें। आरती के बाद सुबह माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं और हलवे का भोग लगाकर व्रत खोलें।
 
7. कथा जरूर सुनें : इस व्रत के दौरान हरतालिका तीज व्रत कथा को सुनना जरूरी होता है। मान्यता है कि कथा के बिना इस व्रत को अधूरा माना जाता है।
 
8. क्यों रखती हैं महिलाएं ये व्रत : इस व्रत में विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए इस व्रत को रखती हैं। हरियाली तीज के दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं।
 
9. व्रत तोड़ा तो होता है यह : ऐसी मान्यता भी है कि जिस भी तरह का भोजन या अन्य कोई पदार्थ ग्रहण कर लिया जाता है तो अन्न की प्रकृति के अनुसार उसका अगला जन्म उस योनि में ही होता है।

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