नया आसमां

Webdunia
रविवार, 1 सितम्बर 2013 (16:09 IST)
FILE
कोई नई ज़मीं हो, नया आसमां भी हो,
ऐ दिल अब उसके पास चलें, वो जहां भी हो
महबूब वो कि सर से क़दम तक ख़ुलूस हो,
आशिक़ वही जो इश्‍क़ से कुछ बदगुमां भी हो।

- फ़िराक़ गोरखपुरी

( ख़ुलूस = निष्‍कपटता)
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मियों में अमृत के समान है गोंद कतीरा का सेवन, जानिए क्या हैं फायदे

गर्मियों में शरीर को ठंडक देंगे ये 5 ठंडी तासीर वाले ड्राई फ्रूट्स, जानें इनके हेल्थ बेनिफिट्स

लिवर में चर्बी जमा सकते हैं ये 10 फूड्स, क्या आप भी कर रहे हैं इनका सेवन?

जानिए दाल सब्जी में नींबू की कुछ बूंदें निचोड़ कर खाने से शरीर को मिलते हैं क्या फायदे

40 के आस - पास इस तरह अपना खयाल रखने से, मेनोपॉज की तकलीफ को कर सकती हैं कम

सभी देखें

नवीनतम

7 अप्रैल वर्ल्ड हेल्थ डे: जानें इतिहास, 2025 की थीम और स्वस्थ रहने की 10 खास बातें

विश्व स्वास्थ्य दिवस कब और क्यों मनाया जाता है, जानें महत्व और फायदे

IPL मैच में कैसे होता है चीयरलीडर्स का सिलेक्शन, जानिए कितनी मिलती है सैलरी

राम नवमी पर क्या क्या बनाएं, जानें 10 पारंपरिक भोग

राम नवमी पर कैसे बनाएं प्रभु श्रीराम की पसंदीदा पंजीरी का प्रसाद