Customer Care Complaint के हाल, 15 अरब घंटे खर्च हो गए सिर्फ इंतजार में, AI और Chatbot भी नहीं ला सके तेजी

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
मंगलवार, 25 मार्च 2025 (18:05 IST)
भारतीय उपभोक्ताओं ने पिछले साल ग्राहक सेवा शिकायत दर्ज करने के लिए 15 अरब घंटे से अधिक समय इंतजार में बिताया। ‘सर्विसनाउ’ की ग्राहक अनुभव रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक एआई (AI) एजेंट और चैटबॉट तेजी से ग्राहक सेवा का हिस्सा बनते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्राहक सेवा के लिए प्रतीक्षा समय में खास कमी नहीं हुई।
 
रिपोर्ट ने ग्राहकों की बढ़ती अपेक्षाओं और मिलने वाली सेवाओं की हकीकत के बीच बढ़ते अंतर का विश्लेषण किया। इसने 5,000 भारतीय उपभोक्ताओं और 204 भारतीय ग्राहक सेवा एजेंट का सर्वेक्षण किया। इसके मुताबिक, 80 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ता अब शिकायत करने के लिए एआई चैटबॉट पर निर्भर हैं। हालात में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन फिर भी ग्राहकों की अपेक्षाओं और सेवा वितरण के बीच काफी अंतर है।
ALSO READ: BHIM UPI App के यूजर्स हैं तो आपके लिए आई बड़ी खुशखबरी
क्या सामने आया रिपोर्ट में 
रिपोर्ट के मुताबिक, 39 प्रतिशत उपभोक्ताओं की कॉल को होल्ड पर रखा जाता है, 36 प्रतिशत को बार-बार स्थानांतरित किया जाता है और 34 प्रतिशत का मानना ​​है कि कंपनियां जानबूझकर शिकायत करने की प्रक्रिया को जटिल बनाती हैं। सर्विसनाउ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुमित माथुर ने कहा कि कंपनियों को ग्राहक सेवा की कमी को सुधारना होगा, या फिर उन्हें ग्राहक खोने का जोखिम उठाना होगा। Edited by : Sudhir Sharma

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कौन हैं महरंग बलोच, जिनसे पाकिस्तानी फौज भी खाती है खौफ?

kunal kamra controversies : कुणाल कामरा कैसे बने चर्चित कॉमेडियन, विवादों से रहा है पुराना नाता

सुनिता विलियम्स की वापसी अटकी थी राजनीति के कारण

सांसदों का वेतन बढ़ा, 34 हवाई यात्राएं, 50 हजार यूनिट, जानिए आपके माननीयों और क्या-क्या मिलता है फ्री

क्या प्रेंग्नेंट है मुस्कान, टेस्ट से सामने आएगा सच, साहिल ने मांगा सरकारी वकील, जानिए कैसी बीत रही हैं दोनों की रातें

सभी देखें

नवीनतम

Chhattisgarh : दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 25 लाख के इनामी टॉप कमांडर सहित 3 को किया ढेर

Samsung का अब तक का सबसे सस्ता स्मार्टफोन, AI फीचर के साथ मिलेगा 2000 का डिस्काउंट

बागपत के एक ही गांव के 36 युवाओं का UP पुलिस में चयन, बगैर कोचिंग के हासिल की सफलता

ई बेचारी को कुछ नहीं आता, जो है तेरे हसबैंड का है, तू तो सही हसबैंड भी नहीं बन पाया

विधवा को मुआवजे के लिए उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, 9 साल से लड़ रही थी मुकदमा

अगला लेख