NPCI ने UPI ट्रांजेक्शन लिमिट 10 लाख तक बढ़ाई, नए नियम लागू
अगर आप Phonepe, Paytm या Gpay जैसे ऐप्स का इस्तेमाल भुगतान के लिए करते हैं तो आपके लिए NPCI के नए नियम जानना जरूरी है। अब इंशोरेंस, EMI और ट्रेवल जैसी कैटेगरी में एक दिन में 10 लाख रुपए तक का भुगतान क
Publish Date: Mon, 15 Sep 2025 (08:11 IST)
Updated Date: Mon, 15 Sep 2025 (12:43 IST)
UPI New Rules : अगर आप Phonepe, Paytm या Gpay जैसे ऐप्स का इस्तेमाल भुगतान के लिए करते हैं तो यह खबर आपके लिए जानना जरूरी है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई ट्रांजैक्शन के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। यह नियम आज से लागू हो गए हैं।
अब इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट, लोन ईएमआई और ट्रैवल जैसी कैटेगरी में एक दिन में 10 लाख रुपए तक का पेमेंट किया जा सकेगा। यह नियम पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) पेमेंट पर लागू होंगे। यानी व्यापारी या संस्थानों को पेमेंट करने पर नई लिमिट लागू होगी।
पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे को पैसे भेजने की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले की तरह ही प्रतिदिन 1 लाख रुपए तक भेजे का सकेंगे। NPCI ने स्पष्ट कहा है कि बैंक अपनी रिस्क पॉलिसी के आधार पर कम लिमिट भी तय कर सकते हैं।
इंश्योरेंस प्रीमियम और कैपिटल मार्केट निवेश की सीमा 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। इसमें 24 घंटे में अधिकतम 10 लाख रुपए तक का ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा। लोन और ईएमआई कलेक्शन के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट 5 लाख रुपए कर दी गई है, वहीं इसकी डेली ट्रांजेक्शन लिमिट 10 लाख रुपए होगी। क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट्स अब एक बार में 5 लाख रुपए तक कर सकते हैं, तो वहीं दैनिक सीमा 6 लाख रुपए ही रखी गई है।
ज्वेलरी खरीद की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख से 2 लाख रुपए कर दिया गया है और दैनिक सीमा 6 लाख कर गई है। बैंकिंग सर्विसेज में टर्म डिपॉजिट्स के लिए डिजिटल ऑनबोर्डिंग पर अब 5 लाख रुपए तक ट्रांजैक्शन कर सकते हैं, जबकि विदेशी मुद्रा भुगतान (Forex) BBPS के जरिए अब 5 लाख रुपए तक ट्रांजैक्शन हो सकेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने हाल ही में सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी थी कि यूपीआई ने अगस्त 2025 में पहली बार 20 अरब लेन-देन को पार कर के एक नया मुकाम हासिल किया है! डिजिटल भुगतान को अपनाने और इस क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए भारत का धन्यवाद। आइए, लेन-देन के तरीके को बदलने की इस यात्रा को जारी रखें!
edited by : Nrapendra Gupta