9 साल में 3 गुना बढ़ी यूपी की अर्थव्यवस्था, जापान में CM योगी ने कहा
योगी की जापान यात्रा के पहले दिन लगभग 11 हजार करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर
Publish Date: Wed, 25 Feb 2026 (13:14 IST)
Updated Date: Wed, 25 Feb 2026 (13:30 IST)
Yogi Adityanath Japan visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान कहा कि 9 साल में यूपी की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यूपी भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। दरअसल, योगी की जापान यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर करना और राज्य में जापानी तकनीक व निवेश को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री की जापान यात्रा के पहले दिन लगभग 11 हजार करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
टोक्यो पहुंचने पर सीएम योगी आदित्यनाथ का जापानी अधिकारियों और भारतीय प्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने मित्सुई एंड कंपनी के COO काजुकी शिमिजु के साथ रणनीतिक बैठक की और उन्हें यूपी के रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश का न्योता दिया। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर कोनोइके ट्रांसपोर्ट के सीनियर अधिकारियों से चर्चा हुई। सीएम ने उन्हें यूपी के 'मेडिकल डिवाइस पार्क' में इकाई लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
पहले दिन लगभग 11 हजार करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर
योगी के जापान दौरे के पहले दिन औद्योगिक निवेश को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। जिन कंपनियों के साथ करार हुआ है उनमें कुबोता कारपोरेशन, मिंडा कारपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस, ओएंडओ ग्रुप, फूजी जैपनीज जेवी और फूजीसिल्वरटेक कंक्रीट प्रा. लि. शामिल हैं। ये समझौते कृषि यंत्र निर्माण, औद्योगिक मशीनरी निर्माण, जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक प्रिंटिंग एवं ग्राफिक्स, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इससे विनिर्माण क्षमता के विस्तार और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कुबोता की औद्योगिक मशीनरी निर्माण में पहचान
कुबोता कारपोरेशन, वर्ष 1890 में स्थापित जापान की एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है और जिसका मुख्यालय ओसाका में स्थित है। यह कृषि और औद्योगिक मशीनरी निर्माण में वैश्विक पहचान रखती है। कंपनी ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, इंजन और निर्माण उपकरण के साथ साथ जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान जैसे पाइप, पंप और ट्रीटमेंट सिस्टम के क्षेत्र में भी कार्यरत है। एस्कॉर्ट्स कुबोता लिमिटेड के साथ सहयोग के माध्यम से कंपनी भारत में अपने विनिर्माण विस्तार और फार्म मैकेनाइजेशन क्षेत्र में उपस्थिति को मजबूत कर रही है।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी
मिंडा कारपोरेशन, जो स्पार्क मिंडा समूह का हिस्सा है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी भारतीय कंपनी है। यह मैक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग हार्नेस, प्लास्टिक इंटीरियर, सेंसर और ईवी समाधान उपलब्ध कराती है। जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री जिसे जेएई के नाम से जाना जाता है, ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एडवांस कनेक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस समाधान में विशेषज्ञता रखती है। नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, एक विविधीकृत जापानी ट्रेडिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी है जो केमिकल्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। इन कंपनियों के बीच सहयोग से ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
सीको एडवांस की अपनी खासियत है
सीको एडवांस जापान मूल की कंपनी है जो उच्च प्रदर्शन स्क्रीन प्रिंटिंग इंक और कोटिंग सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है। इसके उत्पाद ऑटोमोटिव डीकल्स, इंडस्ट्रियल ग्राफिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स पैनल, ग्लास प्रिंटिंग और कंज्यूमर अप्लायंसेज में उपयोग होते हैं। कंपनी भारत में अपनी विनिर्माण इकाई के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को आपूर्ति कर रही है। इसके अतिरिक्त ओ एंड ओ ने हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को लेकर समझौता किया। पहले दिन हुए इन समझौतों को भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala