विवादों से गहरा नाता रहा है कमलेश तिवारी का, पैगंबर पर की थी अभद्र टिप्पणी

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के हिन्दू समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलेश तिवारी का विवादों से गहरा नाता था। इसके चलते आए दिन वे कुछ न कुछ ऐसा बोल देते थे जिससे कि कहीं न कहीं किसी न किसी प्रकार से कोई दूसरा पक्ष उनके खिलाफ हो जाता था। हाल ही में उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। जेल से छूटने के बाद भी उन्होंने एक सभा में नाथूराम गोडसे के मंदिर की मांग तक कर डाली थी।
 
लेकिन आज शुक्रवार को उत्तरप्रदेश के लखनऊ में थाना नाका के अंतर्गत हिन्दू समाज पार्टी के वरिष्ठ व फायर ब्रांड नेता को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद से हिन्दू समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में पुलिस को लेकर बेहद रोष है और वे अपने नेता की मौत का जिम्मेदार पुलिस को ठहरा रहे हैं।
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मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए थे रिवॉल्वर व चाकू : पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ के थाना नाका के खुर्शेदबाग कॉलोनी स्थित हिन्दू समाज पार्टी का मुख्यालय है। रोज की तरह हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी मुख्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान दो भगवा कपड़े पहने बदमाश हाथ में मिठाई का डिब्बा लेकर नेता कमलेश तिवारी से मिलने कार्यालय पहुंचे। बातचीत कर साथ में चाय पी और उसके बाद मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए रिवॉल्वर व चाकू निकाल लिया। चाकू से उन पर ताबड़तोड़ 15 से ज्यादा गले पर वार किए। इसके बाद वे गोली मारकर भाग निकले।
 
कार्यालय में मौजूद अन्य कार्यकर्ता जब तक कुछ समझ पाते, तब तक मौके से बदमाश भागने में कामयाब हो गए। घटना की जानकारी होते ही मौके पर मौजूद कार्यकर्ता लहूलुहान हालत में कमलेश तिवारी को ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
 
कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन : तिवारी की मौत की जानकारी जैसे ही कार्यकर्ताओं को लगी, वैसे ही उनमें आक्रोश जाग उठा और वे सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए उतर गए। जानकारी होते ही आनन-फानन में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन सड़क पर हो रहे प्रदर्शन को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और सभी ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं।
 
विवादों से रहा गहरा नाता : उत्तरप्रदेश के लखनऊ में हिन्दू समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलेश तिवारी ने एक सभा को संबोधित करते हुए पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित बयान देते हुए अभद्र टिप्पणी कर डाली थी जिसके बाद दूसरा पक्ष उनके खिलाफ थाने से लेकर अदालत के दरवाजे तक पहुंच गया था। इसी के चलते उनके ऊपर रासुका के साथ-साथ अन्य कई बड़ी धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ था और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया था लेकिन कुछ दिनों के बाद वे जमानत पर रिहा होकर बाहर आ गए थे।
 
गोडसे के मंदिर की मांग की थी : अभी कुछ दिन पूर्व ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उनके ऊपर चल रहे मामले में रासुका हटाने का आदेश दिया था। इतना कुछ हो जाने के बाद भी हिन्दू समाज पार्टी के फायर ब्रांड नेता कमलेश तिवारी ने सीतापुर में एक सभा को संबोधित करते हुए नाथूराम गोडसे के मंदिर की मांग तक कर डाली थी।
 
उन्होंने कहा था कि जब देश में जिन्ना की पूजा की जा सकती है तो नाथूराम गोडसे की क्यों नहीं? कमलेश तिवारी यहीं नहीं रुके थे और उन्होंने कहा कि अब घर-घर से नाथूराम गोडसे पैदा होगा। सरकार को चेतावनी देते हुए वे बोले थे कि अगर सरकार ने इसे रोकने या फिर पुरानी गलती दोहराने की कोशिश की तो हिन्दू महासभा ईंट का जवाब पत्थर से देगी।

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