Hanuman Chalisa

स्वामी चिन्मयानंद की मुश्किल बढ़ी, 2 भाजपा नेताओं के पास मिली पीड़िता से छीनी गई पेन ड्राइव

Webdunia
बुधवार, 6 नवंबर 2019 (08:26 IST)
शाहजहांपुर (उत्तरप्रदेश)। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 2 भाजपा के नेताओं को आरोपी बनाते हुए जांच पूरी कर ली है।
 
विशेष जांच दल के प्रमुख नवीन अरोड़ा ने मंगलवार को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद मामले में जांच पूरी हो गई है। बुधवार को वे अदालत में आरोपपत्र दाखिल करेंगे। इस मामले में पीड़िता से दौसा में छीनी गई पेन ड्राइव भाजपा नेता डीपीएस राठौर तथा एक अन्य भाजपा नेता अजीत सिंह के पास से बरामद हो गई है।
ALSO READ: चिन्मयानंद के कारनामों के वीडियो खरीदना चाहते थे दो नेता, बनाया था यह प्लान
उन्होंने बताया कि दौसा राजस्थान में पीड़िता के पास से यह पेनड्राइव इन नेताओं ने छीन ली और उसको अपने लैपटॉप में डालकर देखा। उसके बाद लैपटॉप से डिलीट कर दी तथा स्वामी चिन्मयानंद से मामला निपटाने के लिए सवा करोड़ रुपए मांगे। इसी मामले में दोनों नेताओं के खिलाफ जांच हो रही है।
 
इसी के साथ स्वामी चिन्मयानंद की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी मामले में अब आरोपियों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। इस मामले में पीड़िता के अलावा संजय, विक्रम, सचिन पहले से ही जेल में बंद हैं।
 
उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि छात्रा अपने छात्रावास के कमरे में ताला स्वयं लगाती थी जबकि पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसकी अनुपस्थिति में कॉलेज प्रशासन ने ताला खोलकर महत्वपूर्ण साक्ष्य चश्मा आदि गायब कर दिए हैं। जांच में ऐसा नहीं पाया गया, क्योंकि संजय ने पीड़िता के साथ दिल्ली जाने से पूर्व ही पीड़िता के कमरे का सारा सामान राहुल नामक व्यक्ति के घर पर एक बक्से में बंद करके रख दिया था।
 
आईजी ने बताया कि एसआईटी जांच और लोगों की गिरफ्तारी से संजय की मामी घबरा गई और उन्होंने बक्से का सारा सामान पास में ही बहने वाले नाले में डाल दिया। इसकी जानकारी जैसे ही एसआईटी को मिली तो उन्होंने नाले की सफाई कराकर बक्से के सामान को अपने कब्जे में ले लिया, परंतु नाले से चश्मा बरामद नहीं हो सका।
 
अरोड़ा ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद का मालिश करते हुए जो वीडियो पीड़िता ने चश्मे के द्वारा बनाया था, वह चश्मा संजय और पीड़िता ने ही कहीं गायब किया है।
 
उल्लेखनीय है कि 24 अगस्त को स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो वायरल करके स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से पीड़िता लापता हो गई थी। तब पीड़िता के पिता ने शहर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था लेकिन इससे पूर्व स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओमसिंह ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर पर 5 करोड़ रुपए रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करा दिया था।
 
पीड़िता को स्थानीय पुलिस ने राजस्थान के दौसा से बरामद किया तभी न्यायालय ने मामले पर संज्ञान लेते हुए पीड़िता को उसके समक्ष पेश करने का आदेश दिया। उत्तरप्रदेश सरकार को इस पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराने का दिया।
 
एसआईटी ने 2 माह से चल रही इस जांच में स्वामी चिन्मयानंद के अलावा रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता समेत संजय, विक्रम और सचिन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं भाजपा के 2 नेताओं को भी रंगदारी मांगने के आरोप में अदालत में पेश किया है।
Show comments

जरूर पढ़ें

किस मामले को लेकर बौखलाया चीन, भारत से कहा- बीच में मत पड़ो, यह हमारा मामला

'महंगाई मैन' का फिर हमला, राहुल गांधी का पेट्रोल मूल्यवृद्धि के बाद मोदी पर तीखा तंज

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान, कब तक मिलेगी राहत

मासूम की चीखों पर 'बेशर्म' मुस्कुराहट, 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, हत्या के बाद मंत्री और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर भड़के लोग

जस्टिस स्वर्णकांता ने किया बहिष्कार तो माने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने भी की हां

सभी देखें

नवीनतम

Petrol Diesel Crisis : क्या देश में बढ़ रहा ईंधन संकट? सरकार ने बताया- देश में कितने दिनों का स्टॉक मौजूद

Padma awards 2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 66 हस्तियों को किया सम्मानित, धर्मेंद्र को मिला पद्म विभूषण, सम्मान लेते हुए भावुक हुईं हेमा मालिनी

Donald Trump : क्या ईरान से समझौता कर पाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, बराक ओबामा को क्यों किया याद

NEET paper leak : डॉक्टर बनने का सपना बना बोझ? 12 दिनों में 5 स्टूडेंट्स ने दी जान, सिर्फ जांच और गिरफ्‍तारियां, जिम्मेदार मौन

यूपी के इतिहास में इस समय सबसे ज्यादा बिजली सप्लाई, पीक डिमांड आपूर्ति में योगी सरकार अव्वल

अगला लेख