Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

बांकेबिहारी की शरण में प्रियंका गांधी, कहा- श्रीकृष्ण तोड़ेंगे मोदी सरकार का अहंकार

webdunia
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp
share

हिमा अग्रवाल

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021 (19:17 IST)
कांग्रेस के ढहे किले को थामने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जय जवान जय किसान यात्रा पर निकल पड़ी हैं। उत्तरप्रदेश की जमीं पर प्रियंका लगातार दौरा करके 2022 चुनाव के लिए जमीन तैयार कर रही हैं। मंगलवार को प्रियंका गांधी ने मथुरा के पालीखेड़ा किसान महापंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान कानून अरबपतियों के लिए बनाया गया है। मथुरा के रखवाले श्रीकृष्ण ही सरकार के अंहकार को तोड़ेंगे।
 
किसानों के बहाने अपने खोये जनाधार को पाने के लिए प्रियंका गांधी यूपी की राजनीति में एक बार फिर से मुखर हो गई हैं। इसलिए कृषि कानूनों के विरोध उतरे किसानों का वह समर्थन कर रही है। किसानों के बहाने वह भाजपा सरकार पर तरकश से तीर निकाल चला रही है। प्रियंका ने मथुरा पहुंचकर सबसे पहले बांकेबिहारी मंदिर में पूजा की और उसके बाद किसान महापंचायत में पंहुचीं।
webdunia
मंच पर आते ही लगे नारे : किसान महापंचायत मंच पर प्रियंका के आते ही लोगों में जोश भर गया और उन्होंने नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रियंका ने सहज भाव से हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन और स्वागत किया। जनता की नब्ज पर हाथ रखते हुए प्रियंका ने अपने भाषण की शुरुआत यह कहते हुए कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं यहां खड़ी हूं। बांके बिहारी की जय हो, गिरिराज महाराज की जय हो, जमुना मैया की जय हो। सरकार पर तंज कसते हुए बोली कि यह धरती मथुरा की धरती है जो अहंकार को तोड़ती है।
webdunia
भगवान श्रीकृष्ण ने अहंकार में डूबे इंद्र देव के अहंकार को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाकर इस धरती के लोगों की रक्षा की थी। तब से यहां गोवर्धन पर्वत की पूजा होती है।  वर्तमान सरकार ने भी किसानों के लिए दंभ पाल रखा है। जिस किसान ने देश की रक्षा के लिए अपने बेटों को सीमा पर शहीद होने भेज रखा है, वही किसान 90 दिन से अपने हक और सम्मान के लिए बैठा है।
 
गोवर्धन पर्वत भी बेच सकती है मोदी सरकार : उन्होंने कहा कि अब तक 215 किसान शहीद हुए हैं, सरकार ने आंदोलन कर रहे किसानों का बिजली-पानी बंद किया, मारपीट तक करवा दी, लेकिन उनकी पीड़ा को नही सुना। 
 
प्रधानमंत्री मोदी किसान हितैषी नही बल्कि विरोधी हैं, क्योंकि कृषि कानून बनाते समय किसानों से बातचीत नही की गई। नोटों की पैदावार करने वालों ने कृषि कानून बनाया है। देश में डीजल-पेट्रोल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। मोदी सरकार कुछ भी बेच सकती है, इसलिए आप गोवर्धन पर्वत को संभाल कर रखना, कल का कुछ नही पता, हो सकता है सरकार इसे भी बेचने की कोशिश करे। केंद्र ने अपने खरबपति मित्रों का लाखों-करोड़ कर्जा माफ किया है। किसानों का एक भी कर्जा माफ नहीं किया।
 
प्रियंका ने कहा कि फसल बीमा के नाम पर किसानों से खरबपति मित्रों ने 26 हजार करोड़ रुपए कमाए हैं। वहीं किसान भाइयों का अपमान किया जा रहा है।  किसानों के मन की बात करने के लिए प्रधानमंत्री नहीं आए। भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने कवि रामधारी सिंह दिनकर को याद करते हुए उनकी चंद पंक्तियां उद्धृत कीं- जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है...। उन्होंने कहा- भाजपा सरकार का भी विवेक मर चुका है। 
 
श्रीकृष्ण तोड़ेंगे अहंकार : प्रियंका ने नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम अहंकारी हैं, उनका अहंकार भगवान श्रीकृष्ण तोड़ेंगे। पीएम पर तंज कसते हुए बोली दो हवाई जहाज करीब 16 हजार करोड़ खर्च करके खरीद लिए गए, लेकिन गन्ना किसानों का 15 हजार करोड़ अभी तक बकाया है, जिसको सरकार नहीं दे रही है। 
 
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर कांग्रेस को दोषी ठहराया जाता था : उन्होंने कहा कि आभार मानिए पिछली सरकारों, जिन्होंने कुछ बनाया, यदि बनाते नहीं तो आप बेचते क्या? भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े उद्योग बेच डाले। शायद हमारे मोदी जी की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि उन्होंने अपने खरबपति मित्रों को खूब बढ़ाया है। 
 
प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता सब समझती है, इसलिए जनता अहंकारी सरकार को हमेशा सबक सिखाती है। अब वो समय आ गया है। कांग्रेस किसान के हर सुख दुख में साथ है, जब तक किसान लड़ते रहेंगे तब तक कांग्रेस पार्टी हर हाल में उनके साथ खड़ी रहेगी। जैसे ही केन्द्र में कांग्रेस की सरकार आएगी, वो इन कृषि कानूनों को सबसे पहले रद्द करेगी। भाषण के अंत में प्रियंका ने आंदोलन में शहीद हुए किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा।

Share this Story:
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

webdunia
गैंगस्टर रवि पुजारी को बेंगलुरु से मुंबई लाए, अदालत ने 9 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा