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Valentine Day Special : अपने वेलेंटाइन से कैसे करें अपनी राशि मैच

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Happy Valentine Day


डॉ. गोविन्द वल्लभ जोशी
 
मेष 
इस राशि का स्वामी मंगल है, जिसका रंग लाल है । इनकी सिंह राशि वालों के साथ खूब छनती है । चूंकि सिंह का स्वामी सूर्य है और सूर्य-मंगल मित्र ग्रह हैं तो जाहिर है इनके बीच मुहब्बत खूब रंग लाती है। साथ ही वृश्चिक राशि का स्वामी भी मंगल ही है अतः उनके साथ भी आपका प्यार का सफर अच्छा कटता है। मीन राशि का स्वामी बृहस्पति भी मेष राशि के स्वामी मंगल से मैत्री रखता है अतः मेष, सिंह और मीन राशि के जोड़े सफल प्रेमी बन जाते हैं। मेष का स्वामी मंगल ग्रह की मिथुन के स्वामी बुध के साथ शत्रुता होने से इनमें यदि प्रेम हो भी जाए तो वह अधिक दिन टिक नहीं सकता। उपहार में लाल कमल, लाल गुलाब के साथ यदि लाल मिर्ची परस्पर भेंट की जाए तो आप प्यार की राह में ईर्ष्या रखने वालों की बुरी नजर से भी बच सकते हैं और आप की राह भी आसान बन सकती है। 
 
वृष 
इस राशि का स्वामी शुक्र है । इस राशि के प्रेमी-प्रेमिका परस्पर प्यार तो बहुत करते हैं लेकिन उसका इजहार मुंह से कम ही कर पाते हैं इसलिए कभी-कभी साथी उनके मन की भावना समझ नहीं पाता और तरह-तरह की शंकाओं से घिर जाता है। इस राशि की प्रेमिका प्यार में हद से गुजर जाने में कहीं भी बाधा उत्पन्न नहीं करती। इस राशि वालों को मिथुन, मकर और कुंभ राशि वालों से सहज ही प्रीति हो जाती है। ऐसे प्रेमी जोड़ों के लिए प्यार की राह में रूप-रंग या देह की सुंदरता कोई मायने नहीं रखती बस प्यार ही प्यार और कुछ नहीं कहावत इन पर फिट बैठती है लेकिन सिंह और कर्क राशि के साथ इनका प्यार जल्द ही नफरत में तब्दील हो जाता है। अतः यह विचार अवश्य कर लें कि कहीं सिर मुड़ाते ओले न पड़ जाएं। 
 
मिथुन  
इस राशि का स्वामी बुध होता है। इनका प्रेम संबंध चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि को छोड़कर किसी भी राशि वालों से बड़ी आसानी से हो जाता है। इस कारण धनुराशि का स्वामी बृहस्पति इन्हें अपमानित होने का संकेत भी करता है। समर्पित भाव का होने से इस राशि वाले यह नहीं देखते कि अगले का व्यक्तित्व और स्वभाव कैसा है। मन की अभिलाषा और तन की आवश्यकता पूरी होनी चाहिए ऐसा भाव इस राशि के प्रेमी दिलों में रहता है। दूसरों को अपनी ओर आकृष्ट कर अपनी इच्छा पूरी कर पाला बदलने में देर नहीं लगाते हैं लेकिन तुला एवं कन्या राशि के संगी साथियों से इनकी कुछ ज्यादा ही दोस्ती फिट होती है। मिथुन के स्वामी बुध का रंग हरा होने से हरे-भरे खेतों, पार्कों में प्रेमालाप करना इन्हें बहुत रास आता है। यदि ये अपने प्रेमी को हरी मिर्च का जोड़ा प्रेम दिवस पर भेंट करें तो सफलता मिलेगी।  'मर्चिका मंत्र प्रदानेन प्रीतिः सुप्रीति करी भवति्‌।' इस राशिवालों को मकर, कुंभ एवं सिंह राशि वालों के साथ प्रेम संबंध बनाने के बाद कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मकर और कुंभ राशि वालों से इनका उभयलिंगी प्यार भी हो जाता है लेकिन इसमें स्थायित्व नहीं रहता। 
 
कर्क 
इस राशि के प्रेमी युगलों पर प्रेम के प्रतीक चंद्रमा का पूरा प्रभाव रहता है। मन के उतार-चढ़ाव एवं उधेड़बुन के कारण इन्हें कभी-कभी विफलता भी मिलने लगती है लेकिन यह निराशा में भी आशा की किरण संजोए रखते हैं। रूठे प्रेमी के टूटे दिल पर तुरंत कब्जा जमा लेते हैं। चांदनी रात इन्हें बहुत प्रिय होती है। चांदनी में इनका प्रेमी दिल कुमुदिनी की तरह खिल उठता है। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा की शत्रुता किसी से भी नहीं रहती अतः इस राशि के प्रेमी कहीं भी फिट हो जाते हैं। अत्यंत भावुक होने के कारण ये अपने साथी पर तन-मन-धन लुटाने में कसर नहीं छोड़ते। इस राशि वाले प्रायः किसी भी राशि वालों से प्रेम की डोर बांध लेते हैं। राशि के स्वामी चंद्रमा का रंग सफेद होने से आइसक्रीम और सॉफ्टी में ही प्यार का प्रस्ताव स्वीकार कर लेते हैं। नाच-गाने के कार्यक्रम, थियेटर व चित्रकला की प्रदर्शनी स्थल इनकी मुहब्बत करने के खास ठिकाने होते हैं। बहाने से साथी को एकांत में ले जाकर हद से गुजर जाना इनकी फितरत है। 
 
सिंह  
'प्यार किया कोई चोरी नहीं की, छुप-छुप आहें भरना क्या' यह गीत इस राशि वालों पर पूरी तरह फिट बैठता है। वैसे तो प्यार-मोहब्बत के लिए पीछे-पीछे घूमना इन्हें पसंद नहीं लेकिन प्यार हो गया तो क्या मजाल कोई उनके प्रेमी की ओर देख भी ले।इस राशि का स्वामी तेज का प्रतीक सूर्य है ऐसे में बेबाक जुबान वाली प्रेमिका या प्रेमी ही इन्हें पसंद होते हैं। मेष का स्वामी मंगल एवं मीन राशि के स्वामी बृहस्पति के साथ सिंह राशि के स्वामी सूर्य की घनिष्ठ मित्रता होती है। इन्हें मकर और कुंभ राशि वालों से प्रेम संबंध बनाने में परहेज रखना चाहिए। साथ ही वृष और तुला के स्वामी शुक्र ग्रह से भी सूर्य की शत्रुता है अतः इन राशि वालों को परस्पर मोहब्बत करने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। इस राशि के प्रेमी जोड़ों को एक-दूसरे को लाल कमल, लाल गुलाब का पुष्प प्रेम दिवस में भेंट करने से बड़ी सफलता मिलती है। साथ ही हंसी मजाक, हास-परिहास करते हुए शरारत में पांच साबुत लाल मिर्ची गिफ्ट करनी चाहिए। इससे वह ईर्ष्यालु और विरोधियों की नजर से बचे रहेंगे। 
 
कन्या 
राशि का स्वामी बुध ग्रह होने से यह प्रेमी बुद्धिमानी के साथ अपने प्रेम संबंध बनाने में सफल हो जाते हैं। वृष और तुला राशि वालों के साथ इनकी मित्रता शीघ्र बन जाती है लेकिन कर्क का स्वामी चंद्र ग्रह के साथ इस राशि का शत्रु भाव रहता है। यदि इसके साथ प्यार का प्रस्ताव किसी तरह मंजूर भी हो जाता है तो उसी दिन विवाद खड़ा होकर प्यार के नए रास्तों की खोज होने लगती है। बुध ग्रह का रंग हरा होने के कारण इन्हें हरी वस्तुएं अच्छी लगती हैं। हरियाली में, खेतों के बीच घूमना-फिरना इन्हें बहुत पसंद रहता है। प्रेम दिवस के दिन यदि इस राशि वाले फूलों के गुच्छ की अपेक्षा खूबसूरत परिधान भेंट करें तो प्यार अटूट रिश्ते में बदल जाएगा। 
 
तुला 
इस राशि के प्रेमियों के लिए राशि स्वामी शुक्र बहुत ही अनुकूल रहता है लेकिन प्यार की राह में कदम फूंक-फूंक कर रखना इनका स्वभाव बन जाता है। रंग सफेद होने से यदि सफेद गुलाब का फूल सफेद रूमाल में दो मुट्ठी चावल की पोटली के साथ प्रेम दिवस को आकाश में चांद को देखते हुए गिफ्ट करें तो प्रीति की रीति ऐसी बनेगी कि लोग इसका उदाहरण लेंगे। इन्हें वृष, मकर व कुंभ राशि के साथी बनाने से बहुत फायदा होगा। साथ ही इनके लिए सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि एवं चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि प्रेम की डगर पर रोड़ा बनकर खड़ी होती हैं। अतः इन राशि वालों से सोच-समझकर प्रेम-संबंध बनाने चाहिए। 
 
वृश्चिक 
राशि का स्वामी मंगल अंगारक भी कहलाता है । स्वभाव से कू्र होने के कारण हठीला और प्रभावशाली भी कहलाता है। धर्म का प्रतिनिधित्व करने से इस राशि वाले प्रेमी जोड़े मंदिरों एवं वाटिकाओं में अपने प्यार की ठौर खोजते हैं ताकि धर्म की आड़ में प्यार को पनाह मिलती रहे। इतना ही नहीं, खंडहर, चट्टानों की आड़ या शिलाखंडों में इनके द्वारा किया जाने वाला प्रेमालाप गुल खिलाने लगता है। इस राशि के प्रेमी दिल, मेष, सिंह और कर्क राशि वालों से जल्द ही प्रेम संबंध बना लेते हैं। केसरिया या लाल रंग इनके लिए बहुत लाभदायक होता है। प्रेम दिवस को यदि यह अपने पार्टनर को लाल गुलाब के साथ ज्वेलरी गिफ्ट करें तो प्यार का रिश्ता अटूट हो जाएगा । वृश्चिक राशि वालों को मिथुन राशि वालों से प्रेम संबंध बनाने से बचना चाहिए। 
 
धनु 
राशि का स्वामी देवगुरु बृहस्पति सहनशील और विराट गुरुत्व का प्रतीक है। इनका प्रेम संबंध केवल भावात्मक ही नहीं होता अपितु यह किसी लक्ष्य को ध्यान में रख कर ही प्यार की राह चुनते हैं। प्यार की सफलता के लिए इस राशि के प्रेमी दिलों के लिए वृष और मीन राशि के साथी बहुत उपयोगी सिद्ध होते हैं। मित्र राशि का होने के कारण ग्रहों की दृष्टि अटूट प्रेम का प्रतीक बन जाती है। आप यदि पीले फूलों के गुच्छे के साथ फल भी गिफ्ट करें तो प्यार की डगर और आसान हो जाती है। अमराई में बैठकर आम्र मंजरी को प्यार के क्षणों का साक्षी बनाकर यदि इस राशि के प्रेमी दिल मिलते हैं तो प्यार का रिश्ता अटूट हो जाता है। धनु राशि के प्रेमी दिलों को वृश्चिक, मिथुन और तुला राशि वालों से प्रेम-संबंध सोच-समझकर ही बनाना चाहिए। 
 
मकर 
मकर राशि का स्वामी शनि है। यूं तो इनके स्वभाव में क्रूरता होती है पर ये न्यायप्रिय भी होते हैं। अतः प्यार तो करेंगे पर अधिकार के साथ। प्यार के पहले चरण में ही शादी का प्रस्ताव रखना इस राशि वालों की फितरत होती है। दूसरा पक्ष यदि ना नुकुर करता है तो इन्हें क्रोध भी आ जाता है। तुला राशि का स्वामी शुक्र होने से मकर राशि वालों के प्यार की पुचकार इनके साथ खूब रंग लाती है। प्रेम दिवस में, लाल गुलाब के साथ पिंक ड्रेस उपहार स्वरूप देने से मुहब्बत के रास्ते में आने वाली बाधाएं दूर होती ही हैं। शनि का सूर्य के संग बैर भाव होने के कारण मकर राशि वालों को सिंह राशि वालों से मैत्री करने से बचना चाहिए। 
 
कुंभ  
इस राशि का स्वामी भी शनि ही है। आकृति कुंभ की होने से प्रेम घट भरने का मौका नहीं चूकते। पहले तो प्यार करने से कतराते हैं पर प्यार हो जाए तो दिलोजान से उसे निभाने में भी पीछे नहीं हटते। 'हम बने, तुम बने इक-दूजे के लिए' यह पंक्ति इन प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखती है। वृष, मिथुन एवं तुला राशि वालों के साथ इनकी प्रीति खूब निभती है। प्रेम दिवस के मौके पर किसी मंदिर के पश्चिमी कोने में चट्टान पर बैठकर एक-दूसरे को शुभकामना देते हुए प्यार की बाते करें तो आपका प्यार चट्टान की तरह मजबूत रहेगा। साथ ही यदि अपने दोस्त को खूबसूरत घड़ी गिफ्ट करें तो आपका प्यार दिलजलों की नजरों से बच-बचाकर आपको राहत देता रहेगा। इस राशि वालों को भी सिंह, कर्क और मेष राशि वालों के प्रेम प्रस्ताव से बचना चाहिए। 
 
मीन  
इस राशि वाले यदि सोच-समझ कर प्यार के राही नहीं बनते हैं तो जल में मीन की तरह वियोग में तड़प भी सकते हैं। 'तड़प दिन-रात की, कसक बिन बात की, भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे' इस प्रकार की मनोवृत्ति इस राशि के प्रेमियों के दिलों को कचोटती है। मेष, सिंह व धनु राशि के साथ मीन राशि वालों की प्रीति सफल रहती है। कर्क व कन्या राशि के साथ भी इनका प्यार खूब फलता-फूलता है लेकिन वृष व तुला राशि वालों से ये धोखा खा सकते हैं, ऐसा धोखा कि दोबारा किसी से भी प्रीति करने का मन ही नहीं बनेगा। इसलिए प्रेम दिवस पर ग्रहों के शत्रु-मित्र भाव पर विचार करते हुए सोच-समझकर प्यार के प्रस्ताव की भूमिका तैयार करनी चाहिए। फूली हुई सरसों के खेतों में इनका प्रेम दिवस का कार्यक्रम चले तो बहुत लाभदायक सिद्ध होगा। न हो तो सरसों के पीले फूलों का गुच्छा ही प्रेमी-प्रेमिका को भेंट करें तो प्यार रंग लाएगा। 

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