Publish Date: Sat, 05 Feb 2022 (10:13 IST)
Updated Date: Sat, 05 Feb 2022 (10:17 IST)
Mantras of Mata Saraswati
Mantras of Mata Saraswati : 5 फरवरी 2022 को बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा और आराधना की जाती है। मान्यतानुसार इस दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। मकर राशि में सूर्य और बुध के रहने से बुधादित्य योग बन रहा है। इस दिन सभी ग्रह चार राशियों में विद्यमान रहेंगे। इसलिए इस दिन केदार जैसा शुभ योग बन रहा है। इन शुभ मंत्रों से माता शारदा की पूजा और आराधना कर लेंगे तो मिलेगा माता का आशीर्वाद।
शुभ मुहूर्त : सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त 5 फरवरी की सुबह 6 बजकर 43 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक है। इस दौरान पूजन के लिए शुभ समय 5 फरवरी को सुबह 6.43 से 12.35 तक रहेगा।
पूजा मुहूर्त : प्रात: 07:07:19 बजे से दोपहर 12:35:19 तक।
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:50 से दोपहर 12:34 तक।
अमृत काल : सुबह : 11:19 से दोपहर 12:55 तक।
श्रेष्ठ संयोग : उत्तराभाद्रपद के दौरान सिद्ध योग, साध्य योग और रवि योग।
दिशा शूल : पूर्व
मां सरस्वती मंत्र : ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।
सरस्वती गायत्री मंत्र : 'ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्। '
देवी सरस्वती के अन्य मंत्र:
- ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।
- 'ऎं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायां। सर्व विद्यां देही दापय-दापय स्वाहा।'
- 'सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:। वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।'
- 'वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ॥'
- 'ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्।'
- 'शारदायै नमस्तुभ्यं मम ह्रदये प्रवेशिनी, परीक्षायां उत्तीर्णं, सर्व विषय नाम यथा।'
- 'ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय।'