क्या चुनाव जीतने के लिए मोदी-शाह ने अवैध रूप से EVM जमा करने की साजिश रची...जानिए सच...

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019 (16:08 IST)
फेसबुक पर एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया गया है कि पीएम मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम में इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को रखने को लेकर कोई साजिश की है। इस वीडियो में बिना नंबर प्लेट की एक स्‍कूल बस दिखाई दे रही है, जिसके अंदर ढेर सारी EVMs रखी हुई हैं। वीडियो में कई लोग यह कहते हुए सुनाई देते हैं- ‘यह लोकतंत्र की हत्या है’।

वायरल पोस्ट में क्या है?

वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया है-

‘मोदी, शाह, चुनाव आयोग की मिलीभगत की खुली पोल। मध्य प्रदेश के बीना बाजार में बिना नंबर की स्कूल गाड़ी और 3 बोलेरो जीप में सैकड़ों EVM मशीन strong room में रखते हुए पकड़े गये। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी जवाब दे नही पा रहा है तभी तो मोदी शाह डंके की चोट कहते हैं कि सरकार हमारी ही बनेंगी’।



सच क्या है?

वेबदुनिया ने पाया कि यह वीडियो 30 नवंबर 2018 की घटना से संबंधित है जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मप्र विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा पर वोटों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। दावा किया गया था कि मतदान समाप्त होने के 48 घंटे बाद ये वाहन ईवीएम स्ट्रांग रूम तक पहुंचा था।

हालांकि, मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दावा किया था कि ये अतिरिक्त संख्या में रखी जाने वाली मशीनें थी। इनका मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया था। इस बाबत वेबदुनिया ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की थी। वेबदुनिया की रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

सीईओ एमपी इलेक्शन्स ने ट्वीट कर के भी स्पष्टिकरण दिया था-

‘ये रिजर्व ईवीएम थीं, जिन्हें कुछ पुलिस स्टेशनों में रखा गया था और मतदान के दौरान खराब पाई जाने वाली मशीनों के बदले इनका इस्तेमाल किया जा सकता था। ऐसी मशीनों को वोट पड़ी हुई ईवीएम से अलग रखा जाना था। वोट पड़ी हुई ईवीएम वाले स्ट्रांग रूम को न तो खोला गया, ना ही खोला जाना था’।

These are EVMs kept as 'Reserve' stationed at some Police stations, to be used as replacement for malfunctioning machines during Poll. Such machines were to be stored separately from polled EVMs. Strong room having Polled EVMs was neither opened nor was supposed to be opened. https://t.co/usco7xQpD1

— CEOMPElections (@CEOMPElections) November 30, 2018


वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि कथित वीडियो को गलत संदर्भ के साथ शेयर किया गया है।

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख बदला EPF पेंशन फॉर्मूला, प्राइवेट कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा