हम दो हमारे दो में खोते पति-पत्नी

Webdunia
हमारे देश में फैमिली प्लानिंग बहुत खास हो गई है। लोग 'हम दो हमारे दो' के विचार को इतना अपना लिया कि इसमें माता-पिता बन चुके पति-पत्नी खो गए।


 
 
हर बार मैं पति की चालाकियों के किस्से आपको सुनाती हूं, लेकिन इस बार उनके मुसीबत उठाने की कहानी सामने आएगी। मेरे मां बनने के दौर में उन्होंने बिना उफ किए बहुत सी तकलीफें झेलीं। इलाज का दौर हो या किसी गर्भवती महिला को देखते हुए मेरा सिसक सिसककर रोना (क्योंकि मेरा मां बनना आसानी से नहीं हुआ, काफी इलाज के बाद मैं मां बन सकी), पति ने हर समय धैर्य के साथ मेरा साथ दिया। 
 
जब बच्चा इस दुनिया में आ गया, मैं उन्हें बिल्कुल ही भूल गई। इस समय भी पति ने धैर्य नहीं खोया। इस कहानी को बताने के पीछे की खास वजह है कि हम दो (पति-पत्नी) उस समय एक दूसरे के साथ पर भरोसा करें जब हमारे दो (बच्चे) हमारे धैर्य की परीक्षा लें। बच्चों का दस के बराबर होना, टीनएज में धमाल करना और आखिर में काम धंधे या पढ़ाई के लिए कहीं और चले जाने का समय सामने आए। 
 
एक जोड़े के तौर पर हमें अभी भी 'अपने लिए (पति-पत्नी के तौर पर)' समय निकालना चाहिए, परंतु ऑफिस, घर, जिम्मेदारियां क्या ऐसा होने देंगी। साथ ही हमारे बीच के इस खास टाइम को अपनी तुतलाती आवाज में बिताने के लिए हमारा बच्चा तो है ही। उसे चुप कराना ताकि हम दो बात कर सकें लगभग नामुमकिन है।  
 
हम दो के बीच कुछ ऐसा समय होना चाहिए जब हम दो एक दूसरे के साथ को महसूस कर सकें। हमारे साथ से बच्चों को एक प्यारभरा घर मिलेगा जिसमें वे सुरक्षित महसूस करते हुए बड़े होंगे। 
 
पति के आने जाने का ध्यान रखना होगा
 
जब वह घर से जाते हैं, मुझे बाय जरूर बोलना होगा। जब वह लौट आते हैं उनके पास जाकर थोड़ी देर बैठना होगा। चाहे इसके लिए कोई से भी काम के लिए देरी हो रही हो। चेहरे पर मुस्कान के साथ ये काम जिंदगी को मधुर बना देंगे।
 
एक साथ डिनर पर जाना होगा 
 
मैं भूल न जाउं कि शहर में कौन से अच्छे रेस्टोरेंट हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम कभी कभी डिनर पर बाहर जाएं। यह हमें एक दूसरे का साथ देगा। 
 
उनका दिन कैसा बीता, जानना होगा 
 
पति को बच्चों की दिनभर की हरकतें बताने के अलावा जरूरी है कि उनके दिन का हाल जानूं, जैसे बच्चों के पैदा होने के पहले मैं पूछती थी। 
 
दिन भर में साथ दो टाइम चाय (कोई भी पेय), एक साथ खाना, थोड़ा मनोरंजन (बातें, कोई गेम) जैसी क्रियाएं आपका दिन भी बना सकती हैं। यह हमारे दो के रहते हुए भी हम दो को खोने नहीं देंगी।  
 
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