Hanuman Chalisa

पितरों को प्रसन्न करके शुभाशीष देगा यह पवित्र पितृ कवच

Webdunia
पितृ कवच का पवित्र पाठ 
 
कृणुष्व पाजः प्रसितिम् न पृथ्वीम् याही राजेव अमवान् इभेन।
 
तृष्वीम् अनु प्रसितिम् द्रूणानो अस्ता असि विध्य रक्षसः तपिष्ठैः॥
 
तव भ्रमासऽ आशुया पतन्त्यनु स्पृश धृषता शोशुचानः।
 
तपूंष्यग्ने जुह्वा पतंगान् सन्दितो विसृज विष्व-गुल्काः॥
 
प्रति स्पशो विसृज तूर्णितमो भवा पायु-र्विशोऽ अस्या अदब्धः।
 
यो ना दूरेऽ अघशंसो योऽ अन्त्यग्ने माकिष्टे व्यथिरा दधर्षीत्॥
 
उदग्ने तिष्ठ प्रत्या-तनुष्व न्यमित्रान् ऽओषतात् तिग्महेते।
 
यो नोऽ अरातिम् समिधान चक्रे नीचा तं धक्ष्यत सं न शुष्कम्॥
 
ऊर्ध्वो भव प्रति विध्याधि अस्मत् आविः कृणुष्व दैव्यान्यग्ने।
 
अव स्थिरा तनुहि यातु-जूनाम् जामिम् अजामिम् प्रमृणीहि शत्रून्।
 
अग्नेष्ट्वा तेजसा सादयामि॥

ALSO READ: पितृदोष निवारण के लिए करें चमत्कारी पितृ-सूक्त का पाठ, अमावस्या पर अवश्‍य पढ़ें, होगा लाभ
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

अपरा एकादशी को क्यों कहते हैं अचला एकादशी, जानिए दोनों का अर्थ और फायदा

बुध का वृषभ राशि में गोचर, 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव?

Jyeshtha Amavasya Vrat 2026: ज्येष्ठ अमावस्या व्रत और पूजा विधि

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

अगला लेख