Hanuman Chalisa

Parshuram Jayanti Mantra : इन 3 परशुराम गायत्री मंत्र पढ़ने से मिलेगा अक्षय तृतीया का 3 गुना लाभ

Webdunia
भगवान विष्णु के दशावतार में छठे अवतार भगवान परशुराम माने जाते हैं। क्रोध और दानशीलता में उनका कोई सानी नहीं है। शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता सिर्फ और सिर्फ भगवान परशुराम ही माने जाते हैं। भगवान शिव ने उन्हें मृत्युलोक के कल्याशार्थ परशु अस्त्र प्रदा‍न किया जिससे वे परशुराम कहलाए। वे परम शिवभक्त थे।
 
सहस्रार्जुन की इहलीला समाप्त कर दी। प्रायश्चित के लिए सभी तीर्थों में तपस्या की। गणेशजी को एकदंत करने वाले भी परशुराम थे। 17 बार क्षत्रियों से विहीन भूलोक को करने वाले भगवान परशुराम ही थे। दानशीलता उनकी ऐसी थी कि समस्त पृथ्‍वी ही ऋषि कश्यप को दान कर दी। उनके शिष्यत्व का लाभ दानवीर कर्ण ही ले पाए जिसे उन्होंने ब्रह्मास्त्र की दीक्षा दी।
 
भगवान परशुराम की सेवा-साधना करने वाले भक्त भूमि, धन, ज्ञान, अभीष्ट सिद्धि तथा दारिद्रय से मुक्ति, शत्रु नाश, संतान प्राप्ति, विवाह, वर्षा, वाक् सिद्धि इत्यादि पाते हैं। बालक, मनुष्य, देश-प्रदेश की रक्षा तथा महामारी इत्यादि से रक्षा कर सकते हैं।
 
परशुराम गायत्री मंत्र इस प्रकार हैं-
 
1. 'ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो राम: प्रचोदयात्।।'
 
2. 'ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्न: परशुराम: प्रचोदयात्।।'
 
3. 'ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:।।' इत्यादि।
 
जप-ध्यान कर दशांस हवन पायस-घृत से करें तथा जीवन की समस्त समस्याएं दूर करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

20 February Birthday: आपको 20 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 20 फरवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का त्योहार कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व और कथा

Holashtak 2026: 24 फरवरी से प्रारंभ होंगे 'होलाष्टक', शुभ कार्य रहेंगे वर्जित

Dhulendi in 2026: रंगों वाली होली का पर्व 3 को मनाएं या कि 4 मार्च को जानिए सही तारीख

अगला लेख