Hanuman Chalisa

शनि उपासना के मंत्र

Webdunia
WD
शनि की उपासना के लिए निम्न में से किसी एक मंत्र अथवा सभी का श्रद्धानुसार नियमित एक निश्चित संख्या में जप करना चाहिए। जप का समय संध्याकाल तथा कुल जप संख्या 23000 होनी चाहिए।

वैदिक मंत्र-
ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।
शं योरभि स्रवन्तु नः॥

पौराणिक मंत्र-
नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्‌।
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामी शनैश्चरम्‌॥

बीज मंत्र-
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।

सामान्य मंत्र-
ॐ शं शनैश्चराय नमः।

शनि का व्रत करने से ला भ
शनिवार की पूजा सूर्योदय के समय करने से श्रेष्ठ फल मिलता है।
शनिवार का व्रत और पूजा करने से शनि के प्रकोप से सुरक्षा के साथ राहु, केतु की कुदृष्टि से भी सुरक्षा होती है।
मनुष्य की सभी मंगलकामनाएँ सफल होती हैं।
व्रत करने तथा शनि स्तोत्र के पाठ से मनुष्य के जीवन में धन, संपत्ति, सामाजिक सम्मान, बुद्धि का विकास और परिवार में पुत्र, पौत्र आदि की प्राप्ति होती है।

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Kalagnanam:रहस्यमयी ग्रंथ 'कालज्ञानम': सटीक हैं इस ग्रंथ की भविष्यवाणी, जानिए 10 बड़ी भविष्यवाणियां

मंगल का मीन राशि में गोचर, 6 राशियां 11 मई 2026 तक निपटा लें कार्य

Kalagnanam Granth: भविष्‍य मालिका ग्रंथ की तरह है भविष्यवाणियों का ग्रंथ- कालज्ञानम्

केदानाथ और बद्रीनाथ मंदिर धाम जाने से पहले कर लें ये जरूरी 5 तैयारियां

खप्पर योग बना खतरनाक: 4 राशियों को नुकसान, 4 को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

नवीनतम

16 April Birthday: आपको 16 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 अप्रैल 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

अक्षय तृतीया पर बिना पंचांग देखे करें शुभ काम! जानें पूजा विधि, घर लाएं अटूट संपन्नता

वैशाख अमावस्या का क्या है महत्व, 5 उपायों से पितरों की होगी शांति

Akshaya Tritiya in 2026: कंगाली दूर करेंगे अक्षय तृतीया के ये 5 गुप्त उपाय