सतपाल ख्यालNDND खौफ़ से सहमी हुई है खून से लथपथ पड़ीअब कोई मरहम करो घायल पड़ी है ज़िंदगी। पुर्जा-पुर्जा उड़ गए कुछ लोग कल बारुद से आज आई है खबर कि अब बढ़ी है चौकसी। किस से अब उम्मीद रक्खें हम हिफ़ाजत की यहाँखेत की ही बाड़ सारा खेत देखो...