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वर्ष 2015 : क्या कहते हैं प्यार के सितारे

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
वर्ष 2015 शुक्र प्रधान है। इस हिसाब से 15 का जोड़ 6 आता है, जो शुक्र प्रधान है। शुक्र ग्रह आकाश मंडल में खूबसूरत चमकता सितारा है। यह प्रेम, कला, मनोरंजन का कारक होने से शुक्र प्रधान जातकों के लिए वरदान साबित होगा।


 
इस वर्ष युवतियों को काफी सावधानी बरतना होगी। शुक्र सेक्स का भी कारक है। अगर आपकी राशि आपके पार्टनर से मेल न खाती हो तो संभलकर ही चलना होगा। प्यार के चक्कर में धोखा हो सकता है  
 
वृषभ व तुला राशि का स्वामी शुक्र है और इनकी मित्र राशि मकर व कुंभ हैं, वहीं मीन राशि उच्च की है। शत्रु ग्रह चन्द्र है व चन्द्र की राशि कर्क है। वैसे कर्क राशि वाले भावनात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। इनमें दुराभाव की संभावना नहीं रहती। सिंह राशि वालों को नीचाभिलाषी होने से सावधानी रखना होगी। 


 
मंगल की राशि मेष व वृश्चिक तुला राशि वालों के लिए विशेष लाभदायक नहीं रहती। कन्या राशि में शुक्र नीच का होने से लाभ नहीं होगा।


 

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