Hanuman Chalisa

भारत में हुआ है ज्योतिष का उदय, जानिए ज्योतिष के 10 महान ग्रंथ

Webdunia
‘ज्योतिषां सूर्यादि ग्रहाणां बोधकं शास्त्र्‌म’
 
इसका मतलब यह हुआ कि ग्रह (ग्रह, नक्षत्र, धूमकेतु आदि) और समय का ज्ञान कराने वाले विज्ञान को ज्योतिष अर्थात ज्योति प्रदान करने वाला विज्ञान कहते हैं। एक तरह से यह रास्ता बतलाने वाला शास्त्र है। जिस शास्त्र से संसार का ज्ञान, जीवन-मरण का रहस्य और जीवन के सुख-दुःख के संबंध में ज्योति दिखाई दे वही ज्योतिष शास्त्र है। इस अर्थ में वह खगोल से ज्यादाअध्यात्म और दर्शनशास्त्र के करीब बैठता है।
 
ऐसा माना जाता है कि ज्योतिष का उदय भारत में हुआ, क्योंकि भारतीय ज्योतिष शास्त्र की पृष्ठभूमि 8000 वर्षों से अधिक पुरानी है। भारतीय ज्योतिष के प्रमुख ज्योतिर्विद और उनके द्वारा लिखे गए खास-खास ग्रंथ-
 
1. पाराशर मुनि :  वृहद पाराशर, होरा शास्त्र
2. वराह मिहिर : वृहद संहिता, वृहत्जातक, लघुजातक
3. भास्कराचार्य : सिद्धांत शिरोमणि
4. श्रीधर : जातक तिलक
 
ज्योतिष शास्त्र के कुछ और जाने-माने ग्रंथ इस प्रकार हैं-
1. सूर्य सिद्धांत
2. लघु पाराशरी
3. फल दीपिका
4. जातक पारिजात
5. मान सागरी
6. भावप्रकाश
7. भावकुतूहल
8. भावार्थ रत्नकारा
9. मुहूर्त चिन्तामणि
10  भृगु संहिता 
 
अन्य कई ग्रंथ हैं, जैसे रावण संहिता, सामुद्रिक शास्त्र आदि... इनकी सूची अनंत है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

26 मई को उदय होंगे बुध ग्रह: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल?

मिथुन राशि में गुरु-शुक्र की दुर्लभ युति, 3 राशियों पर होगी धन और सुख की बारिश

Purushottam Maas: अधिकमास में ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, मिलेगा अक्षय पुण्य

Vastu Lifestyle Tips: वास्तु के अनुसार कपड़े, जूते और हेयरकट चुनें, बदल सकती है किस्मत

सभी देखें

नवीनतम

28 May Birthday: आपको 28 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

संभलकर! 7 जून से लगने जा रहा है विष्कुंभ योग, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन

जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर?

वास्तु के अनुसार घर में रखी ये 5 चीजें बढ़ाती हैं राहु का अशुभ प्रभाव

अगला लेख