Hanuman Chalisa

निर्जला एकादशी 2018 : जानें पूजन का शुभ समय और दान करने का मंत्र

Webdunia
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। यह एकादशी श्रीहरि भगवान विष्णु को सर्वाधिक प्रिय है।


पंचांग भेद के कारण यह एकादशी कई जगहों पर 23 जून, शनिवार को, तथा कई स्थानों पर 24 जून, रविवार मनाई जाएगी। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं एकादशी व्रत का शुभ समय, इस समय का लाभ उठाकर आप श्रीहरि विष्णु की अनंत कृपा पा सकते हैं।
 

ALSO READ: आरोग्यवृद्धि देती हैं निर्जला एकादशी, जानिए व्रत का महत्व...
 
एकादशी व्रत का शुभ समय 
 
* एकादशी व्रत का समय 23 जून 2018, शनिवार रात्रि 3 बजकर 19 मिनिट से शुरू होकर 24 जून, रविवार को रात्रि 3 बजकर 52 मिनिट तक प्रभावी रहेगा। 
 
इस दिन एकादशी का व्रत रखने के साथ 108 बार निम्न मंत्र का जप करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। 
 
मंत्र- 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:' 
 
एकादशी के दिन व्रतधारी मनुष्य को निर्जल रहते हुए ब्राह्मण अथवा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नीचे दिए गए मंत्र के साथ शुद्ध पानी से भरा घड़ा दान करना चाहिए। दान देते समय निम्न मंत्र का जाप करने से दान का पुण्‍य करोड़ों गुना मिलता है। आइए जानें मंत्र-
 
मंत्र- 'देवदेव हृषीकेश संसारार्णवतारक। उदकुम्भप्रदानेन नय मां परमां गतिम्'।। 
 
- अर्थात् संसार सागर से तारने वाले देवदेव हृषीकेश! इस जल के घड़े का दान करने से आप मुझे परम गति की प्राप्ति कराइए। इसके साथ ही अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा सहित, फल (विशेषकर आम), वस्त्र, छाता, जूता, आदि का दान करना चाहिए।

ALSO READ: करोड़ पल सोने के दान का फल देती है निर्जला एकादशी, पढ़ें पौराणिक व्रत कथा...

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?

मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण, जानिए प्रभाव और अचूक उपाय

केतु का सिंह राशि में चल रहा है गोचर, 3 राशियां रहेंगी टॉप पर, अभी भी कर लें ये 5 उपाय

शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?

दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें

सभी देखें

नवीनतम

13 June Birthday: आपको 13 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 13 जून 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, 6 राशियों को मिलेगी करियर, नौकरी और व्यपार में बड़ी सफलता

अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में किए जाने वाले महादान कौन से हैं और उनका क्या फल मिलता है?

अगला लेख