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वैशाख कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग : जानिए इन दिनों क्या हैं खास...

पं. हेमन्त रिछारिया
* 'पाक्षिक-पंचांग': वैशाख कृष्ण पक्ष विशेष
 
'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए 'पाक्षिक-पंचाग' की श्रृंखला में प्रस्तुत है वैशाख माह के कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग। 
 
संवत्सर- विरोधकृत
संवत्- 2075 
शक संवत् :1940
माह-वैशाख
पक्ष-कृष्ण पक्ष
ऋतु-वसंत  
रवि-उत्तरायणे
गुरु तारा- उदित स्वरूप
शुक्र तारा- उदित स्वरूप
सर्वार्थ सिद्धि योग- 4 अप्रैल, 5 अप्रैल, 8 अप्रैल, 9 अप्रैल 
अमृत सिद्धि योग- 4 अप्रैल
द्विपुष्कर योग- 1 अप्रैल,
त्रिपुष्कर योग- अनुपस्थित
रवि-पुष्य योग- अनुपस्थित
गुरु-पुष्य योग- अनुपस्थित
एकादशी- 12 अप्रैल (वरूथिनी एकादशी व्रत)
प्रदोष- 13 अप्रैल
भद्रा- 2 अप्रैल (उदय)- 3 अप्रैल (अस्त), 6 अप्रैल (उदय)- 7 अप्रैल (अस्त), 10 अप्रैल (उदय)- 11 अप्रैल (अस्त), 14 अप्रैल (उदय/अस्त)
पंचक- 11 अप्रैल को प्रारंभ-15 अप्रैल को समाप्त
ग्रहाचार- सूर्य-मीन राशि में (15 अप्रैल से मेष राशि में), चन्द्र-(सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं), मंगल-धनु, बुध-मीन, गुरु-तुला, शुक्र-मेष, शनि-धनु, राहु-कर्क, केतु-मकर
व्रत/त्योहार- 3 अप्रैल गणेश चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 9 बजकर 44 मिनट),16 अप्रैल सोमवती अमावस्या, शुकदेव मुनि व पाराशर ऋषि जयंती।
 
-ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

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