rashifal-2026

क्या अष्टमी का श्राद्ध 28 September को और गजलक्ष्मी व्रत 29 September को मनेगा?

Webdunia
हिन्दू पर्वों के साथ यह उलझन हमेशा आती है जब दो तिथियां होती है या एक तिथि अलोप होती है। या फिर जब पंचांगों में भिन्नता होती है या विद्वानों में फिर मत मतांतर होता है। ऐसे में बड़े त्योहार कब और कैसे बनाएं यह दुविधा होती है।
 
 इस बार यह सवाल महालक्ष्मी यानी गजलक्ष्मी व्रत को लेकर हो रहा है कि कब इसे मनाया जाना उचित है। वेबदुनिया ने पंडितों की राय ली है, और उसे वैसे ही प्रस्तुत कर दिया है जैसा बताया गया है अत: सबके विचार जानकर आप अपना अभिमत खुद बनाएं और निर्णय स्वविवेक से लें... 
 
वेबदुनिया के पाठकों के लिए ज्योतिर्विद पंडित हेमंत रिछारिया मानते हैं कि यह व्रत 28 को मनाया जाना उचित है। उनके अनुसार पूजा का शुभ समय होगा 28 सितंबर की दोपहर 3.00 से 4:30 और सायंकाल 7:30-9.00
 
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 28 सितंबर, दिन मंगलवार को शाम 06.16 मिनट पर हो शुरू होकर इसका समापन 29 सितंबर को रात के 08.29 मिनट पर होगा। उदया तिथि के कारण इस व्रत को 29 सितंबर को भी रखा जाएगा।
 
पंडित विशाल जोशी के अनुसार यह व्रत 29 को मनाया जाना उचित है, क्योंकि श्राद्ध पक्ष में 26 को कोई भी तिथि मान्य नहीं हुई है अत: 27 को षष्ठी व सप्तमी आधे-आधे दिन है। 27 तारीख को सप्तमी का श्राद्ध माना गया है उस हिसाब से और उदया तिथि के अनुसार 29 सितंबर को पर्व मनाया जाना सही होगा... 
 
ज्योतिषी वंदना शर्मा का कहना है कि 28 और 29 दोनों दिन पर्व की पूजा की जा सकती है। पंचांग भेद के बावजूद दोनों दिन शुभ समय पर पूजा की जा सकती है। चूंकि गजलक्ष्मी व्रत की पूजा शाम के समय होती है अत: 28 की शाम 8 के बाद और 29 की शाम 8 बजे से पहले करना उचित होगा। 29 सितंबर को रात के 08.29 मिनट के बाद नवमी तिथि लग जाएगी...
 
पंडित सुरेंद्र बिल्लौरे के अनुसार, मंगलवार, 28 सितंबर 2021 को अष्टमी श्राद्ध किया जाएगा। गजलक्ष्मी देवी का पूजन 29 सितंबर को होगा, क्योंकि ‍29 सितंबर को उदया तिथि में अष्टमी होने के कारण इस पूरे दिन अष्टमी तिथि रहेगी। अत: ‍29 सितंबर का दिन ही गजलक्ष्मी पूजन के लिए उचित माना जाएगा।
 
अगर आप गजलक्ष्मी का पूजन कर रहे हैं तो वह 29 सितंबर को करना सही होगा। लेकिन अष्टमी का श्राद्ध 28 सितंबर को ही किया जाएगा।
 
वहीं पंडित अशोक पंवार के अनुसार 28 सितंबर को सप्तमी तिथि शाम 18:16 यानी शाम 6 बजकर 16 मिनट तक होने से महालक्ष्मी व्रत पूजन 28 सितंबर को ही मनाया जाना चाहिए।
 
जानकारी वेबदुनिया से बातचीत पर आधारित, पाठक कृपया स्वविवेक और परिचित पंडित से पूछ कर निर्णय लें।

ALSO READ: महालक्ष्मी व्रत 28 या 29 सितंबर को, कब मनाना है उचित, जानिए पंडितों की राय  

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, पिछले वर्ष के मुकाबले 11 दिन पहले होंगे दर्शन

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय

शंकराचार्य विवाद: क्या है पूरा मामला? जानिए वजह और पृष्ठभूमि

Holi: बरसाना में गड़ा होली का डांडा, ब्रज में शुरू हुआ 40 दिनों का रंग और प्रेम उत्सव

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 जनवरी, 2026)

29 January Birthday: आपको 29 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 जनवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया, कब मनाएं होली और धुलंडी?

February Monthly Horoscope 2026: फरवरी माह 2026 का मासिक राशिफल, जानिए 12 राशियों का क्या होगा हाल

अगला लेख