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नरेंद्र मोदी के बाद इस व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने के चांस हैं 99 प्रतिशत

WD Feature Desk
बुधवार, 30 जुलाई 2025 (16:43 IST)
Astrological predictions on Indian Next PM: वर्तमान में सोशल मीडिया, पॉडकास्‍ट और अन्य वेबसाइट पर ज्योतिष लोगों द्वारा ज्योतिष विश्लेषण के आधार पर नरेंद्र मोदी के बाद कौन होगा अगला प्रधानमंत्री, इस पर चर्चा की जा रही है। ज्योतिष विद्वान मानते हैं कि अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी, नीतीश कुमार, प्रियंका गांधी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और नितिन गडकरी की कुंडली में प्रबल राजयोग हैं। अखिलेश यादव आने वाले समय में योगी आदित्यनाथ को कड़ी चुनौती देने वाले हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि मोदी जी बीच में ही सत्ता छोड़ देते हैं या फिर अपना कार्यकाल पूरा करके 2029 में वे विदा होते हैं तो भाजपा किसे देश का पीएम बना सकती है? इसके लिए 2 नाम सबसे ज्यादा उभर कर आते हैं।
 
1. अमित शाह: अमित शाह की कुंडली में जन्मस्थ शनि छठे, राहु दसवें और गुरु नवम भाव में विराजमान हैं। दूसरे भाव में सूर्य और बुध की युति और एकादश भाव में मंगल विराजमान हैं। शाह की कुंडली में गुरु की महादशा में शनि की अंतर्दशा चल रही है। 23/7/26 के बाद गुरु में बुध की अंतर्दशा चलेगी। यह समय बहुत शानदार रहने वाला है। 

ज्योतिषियों के अनुसार शनि की अंतर्दशा अमित शाह की राजनीतिक स्थिरता को बढ़ाएगी और उन्हें महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनाएगी। इस अवधि में उनके नेतृत्व में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सुधार और विस्तार हो सकता है। गुरु का प्रभाव उनके राजनीतिक करियर में नए अवसर और गठबंधन की संभावनाएं बढ़ाएगा। इस दौरान उनकी कूटनीति क्षमता और रणनीतिक कौशल और उभरकर सामने आएंगे। राहु कभी-कभी अप्रत्याशित चुनौतियां ला सकता है, खासकर उनकी सेहत को लेकर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। यदि वे अपनी सेहत को सुधारने में कामयाब रहे तो देश का अगला पीएम अमित शाह की होंगे। हालांकि इसी दौरान अमित शाह को कुछ विवादों या आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ये उनके करियर को दीर्घकालिक नुकसान नहीं पहुंचाएंगी। ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार, अमित शाह भविष्य में प्रधानमंत्री पद के एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं। यदि उनकी कुंडली का विशलेषण करें तो उनके ग्रह नक्षत्र ज्यादा प्रबल है जो 99 प्रतिशत उनके पीएम बनाने के संकेत देता है। कोई बड़ा उलटफेर या उनकी बीमारी ही इन्हें पीएम बनने से रोक सकती है। 
 
2. योगी आदित्यनाथ: कई ज्योतिष योगी आदित्यनाथ की कुंडली का विश्लेषण करके बताते हैं कि वे भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे और उनके नेतृत्व में ही भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। उस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि शनि और मंगल की प्रबल स्थिति के चलते वे और भी ज्यादा दृढ़ और निडर होकर सामने आएंगे। 
 
योगी आदित्यनाथ की कुंडली में शुक्र की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है। इसके अंतर्गत राहु की प्रत्यांतर दशा चल रही है। इसी क्रम में फिर गुरु, शनि, बुध और केतु की प्रत्यांतर दशा चलेगी। इसके बाद वर्ष 2027 में शुक्र में सूर्यकी अंतर्दशा चलेगी। शनि सप्तमेश होकर लग्नेश चंद्रमा के साथ एकादश भाव में बैठे हैं और शुक्र चतुर्थेश होकर सप्तम भाव में बैठे हैं। यहां शनि और शुक्र का परिवर्तन योग भी है। शुक्र, चंद्र और दशा शनि से नवम भाव में भी आते हैं और दशा एवं अंतर्दशा के अंतर्गत योगीजी पद प्राप्ति के सप्तम भाव का मजबूती से प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए यह शनि शुक्र की दशान्तर्दशा सितंबर 2026 से नवंबर 2029 की अवधि में योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बना सकती है। लेकिन कई ज्योतिष मानते हैं कि यदि कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होता है तो 2034 तक उनके पीएम बनने के कोई ठोस ग्रह नक्षत्र नहीं बन रहे हैं।
 
योगीजी की सिंह लग्न की कुंडली में पंचम में गुरु और कर्म भाव में शनि, सूर्य और बुध की युति है। छठे में राहु और 12वें में केतु विराजमान है। इसी के साथ लाभ भाव में मंगल और शुक्र की युति है और सप्तम भाव में चंद्रमा है। कई ज्योतिष योगी आदित्यनाथ की कुंडली में का विश्लेषण करके बताते हैं कि वे भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन अभी नहीं।
 
योगी आदित्यनाथ की कुंडली के अनुसार उनका लग्‍न सिंह है और लग्‍नेश कर्म का कारक होकर सूर्य, शनि और बुध की युति के साथ में विद्यमान है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य की ऐसी स्थिति जातक को राजसत्ता का सुख देती है। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक जिसकी कुंडली में लग्नेश कर्म भाव होता है, उस जातक को जीवन में उच्च पद की प्राप्ति होती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार योगी आदित्यनाथ की कुंडली में पंचम भाव में गुरु स्‍वग्रही होकर बैठे है, लेकिन छठे भाव में राहु का शत्रुहंता योग बन रहा है। इससे यह साबित होता है कि यह अपने आसपास शत्रुओं से घिरे रहेंगे लेकिन यह शत्रुओं पर हावी रहेंगे। ग्यारहवें भाव को देखें तो इसमें शुक्र और इसी भाव में मंगल तृतीय स्थान पर हैं। जबकि द्वादश भाव में केतु मौजूद हैं। इसके हिसाब से देखा जाए तो जातक का समय शानदार होने वाला है।
 
निष्कर्ष: दोनों की कुंडली का विश्लेषण करें तो अमित शाह की कुंडली सबसे ज्यादा स्ट्रांग है लेकिन योगी आदित्यनाथ की कुंडली के योग भी कम नहीं है।  

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