Hanuman Chalisa

क्या आपका बच्चा भी पढ़ने में कमजोर है, कौन से ग्रह हैं जिम्मेदार...

पं. हेमन्त रिछारिया
अक्सर माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर चिन्तित रहते हैं। उनकी शिकायत होती है कि उनके बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता। उनके बच्चों में एकाग्रता की कमी है। आइए जानते हैं जन्मपत्रिका में ऐसे कौन से ग्रहयोग होते हैं जिनके कारण बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता।
 
जन्मपत्रिका के द्वितीय व पंचम् भाव से शिक्षा का विचार किया जाता है। ज्योतिष में द्वितीय भाव प्रारम्भिक शिक्षा का व पंचम् भाव उच्च शिक्षा का प्रतिनिधि माना गया है। यदि इन दोनों भावों या इन भावों के अधिपतियों पर किसी अलगाववादी ग्रह जैसे शनि, राहु व सूर्य का प्रभाव होता है तो बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है।
 
इसके अतिरिक्त यदि चन्द्र पर शनि व राहु का प्रभाव है तब भी बच्चा उच्चाटन का शिकार होता है उसमें एकाग्रता की कमी होती क्योंकि चन्द्रमा मन का कारक है। इसके विपरीत यदि दूसरे व पांचवे भाव या इनके अधिपतियों पर गुरु का प्रभाव है तो बच्चा विद्वान बनता है। इस योग में जन्म लेने वाला जातक उच्च शिक्षा प्राप्त कर पद-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?

मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण, जानिए प्रभाव और अचूक उपाय

केतु का सिंह राशि में चल रहा है गोचर, 3 राशियां रहेंगी टॉप पर, अभी भी कर लें ये 5 उपाय

शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?

दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें

सभी देखें

नवीनतम

16 June Birthday: आपको 16 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जून 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Bada Mangal 2026: सातवें बड़े मंगल पर अवश्य करें ये 10 कार्य, हनुमान जी देंगे वरदान

शुक्र की वृषभ राशि में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद

अगला लेख