Hanuman Chalisa

क्या आप भी गिनकर बनाते हैं रोटियां? तो आज ही छोड़ दें, नहीं तो घर से सुख-समृद्धि चली जाएगी

Webdunia
Vastu Tips For Roti: घर में कई महिलाओं की आदत होती है कि वे रोटी बनाते वक्त गिनकर रोटी बनाती है। क्योंकि वह जानती है कि घर का कोई सदस्य कितनी रोटी खाएगा। लेकिन ज्योतिष या वास्तु के अनुसार इसे सही नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे एक समय बात इससे घर की बरकत चली जाती है। बरकत के जाने से सुख-समृद्धि भी चली जाती है।
 
पंचबलि कर्म : हिन्दू धर्म के अनुसार पहली रोटी अग्नि की, दूसरी रोटी गाय की बनती है। इसके बाद जो भी रोटी बनाई जाती है उसमें से चींटी, कुत्ते और कौवे के लिए भी अलग निकाल दी जाती है। आंतिम रोटी कुत्ते की होती है। पंचबलि में गाय, कुत्ता, चींटी, कौवा और देव (अग्नि आदि) आते हैं। जब भी रोटी बनती है तो उस पर पहला हक अग्निदेव का होता है। अग्नि में उस रोटी को समर्पित करने से सभी देवताओं को भोग लग जाता है। इसके बाद गाय आदि का होता है। इसके बाद बगैर गिने ही सभी सदस्यों के लिए रोटी बनाना चाहिए।
 
अतिथियों के लिए भी बनाएं रोटी : अतिथि उसे कहते हैं तो बगैर बताए आ जाए। वह कोई भी हो सकता है। पशु, पक्षी या मनुष्य। अतिथि को देवता माना गया है। अत: सभी के भोजन करने के बाद इतनी रोटी तो होना ही चाहिए कि कोई अतिथि खा ले। इसलिए ऐसा माना जाता है कि पकाते समय दो रोटियां ज्यादा रखनी चाहिए। ताकि अगर कोई मेहमान खाना खाते समय आए तो वह भूखा न रहे। इससे मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और उस घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। 
क्यों बनाते हैं गिनकर रोटियां : पहले के समय में सभी लोग संयुक्त परिवार में रहते थे। तब सभी लोग साथ बैठकर भोजन करते थे और तब महिलाएं कभी भी गिनकर रोटी नहीं बनाती थी। रोटी बच जाती थी तो उसे शाम को खा लिया जाता था या घर में मेहमानों का आना जाना लगा रहता था तो सभी की पूर्ति हो जाती थी। लेकिन आजकल एकल परिवार हो चले हैं। ऐसे में हर सदस्य के हिसाब से गिनकर रोटियां बनाई जानें लगी ताकि रोटी बचे नहीं। लेकिन ज्योतिष और वस्तु के अनुसार इसे उचित नहीं माना जाता। 
 
रोटियां गिनकर नहीं बनाएं : वास्तु शास्त्र के अनुसार गिनकर रोटियां बनाना अशुभ माना गया है। इससे जहां सुख-समृद्धि प्रभावित होती है। वहीं माना जाता है कि ग्रह नक्षत्र भी प्रभावित होते हैं और सेहत के लिए यह हानिकारक है। कहते हैं कि गेहूं सूर्य का दाना है। सूर्य के कारण ही व्यक्ति का जीवन प्रभावित हो रहा है। गिनकर बनाने से सूर्य देव का अपमान माना जाता है। इसी तरह दूसरे अनाज, दाल आदि भी किसी न किसी ग्रहों के कारक है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

दक्षिण दिशा से जुड़ी ये गलतियां बना सकती हैं कंगाल, जानिए क्या रखें और क्या नहीं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, नौकरी-व्यापार में होगा बड़ा लाभ

अपरा एकादशी 2026: कब है तिथि और क्या है इसका धार्मिक महत्व? जानिए सब कुछ

सभी देखें

नवीनतम

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

बुध का वृषभ राशि में गोचर, 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव?

Jyeshtha Amavasya Vrat 2026: ज्येष्ठ अमावस्या व्रत और पूजा विधि

अगला लेख