guru shukra ast 2021 : इस वर्ष कब होगा गुरु एवं शुक्र तारा अस्त, जानिए

पं. हेमन्त रिछारिया
हमारे सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य के लिए एक अभीष्ट मुहूर्त निर्धारित है। वहीं कुछ अवधि ऐसी भी होती है जब शुभकार्य के मुहूर्त का निषेध होता है। इस अवधि में सभी शुभ कार्य जैसे विवाह,मुंडन,सगाई,गृहारंभ व गृहप्रवेश के साथ व्रतारंभ एवं व्रतउद्यापन आदि वर्जित रहते हैं। शुभ एवं मांगलिक मुहूर्त के निर्धारण में गुरु एवं शुक्र के तारे का उदित स्वरूप होना बहुत आवश्यक है। 
 
गुरु व शुक्र के तारे के अस्त होने पर किसी भी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों के मुहूर्त नहीं बनते। आइए जानते हैं आगामी वर्ष 2021 में किस अवधि में गुरु व शुक्र का तारा अस्त स्वरूप रहेगा-
 
गुरु के तारे की अस्तोदय अवधि-
 
-जनवरी संवत 2077 पौष शुक्ल पक्ष चतुर्थी दिन रविवार दिनांक 17 जनवरी 2021 को गुरु का तारा अस्त होगा जो माघ शुक्ल पक्ष द्वितीया दिनांक 13 फरवरी 2021 दिन शनिवार को उदित होगा।
 
शुक्र के तारे की अस्तोदय अवधि-
 
-संवत 2077 माघ शुक्ल तृतीया दिनांक 14 फरवरी 2021 दिन रविवार को शुक्र का तारा अस्त होगा जो संवत 2078 चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी दिनांक 18 अप्रैल 2021 दिन रविवार को उदित होगा।
 
नूतन वर्ष 2021 की उपर्युक्त अवधि में गुरु एवं शुक्र तारे के अस्त स्वरूप होने के कारण समस्त मांगलिक एवं शुभकार्य वर्जित रहेंगे।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
ALSO READ: Lucky No in 2021 : वर्ष 2021 में क्या कहता है आपका शुभांक, जानिए

ALSO READ: Wedding Muhurat 2021 : नए साल में कब-कब बजेगी शहनाई, जानें विवाह मुहूर्त

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Uttarakhand : चारधाम तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी, श्रद्धालुओं से आवश्यक दवाइयां रखने को कहा

सिद्धार्थ संवत्सर में सूर्य राजा, बुध धनेश, जानें कैसा होगा विश्व के लिए हिन्दू नववर्ष

चैत्र नवरात्रि 2025: नवरात्रि के पहले दिन भूलकर भी न करें ये 10 काम, बढ़ सकती हैं परेशानियां

Solar Eclipse 2025: सूर्य ग्रहण कब से कब तक लगेगा, कहां नजर आएगा, क्या है सूतक काल का समय, 12 राशियों पर प्रभाव

29 मार्च को मीन राशि में शनि और सूर्य की युति, इसी दिन सूर्य पर ग्रहण लगेगा, 3 राशियों को रहना होगा सतर्क

सभी देखें

नवीनतम

लक्ष्मी पंचमी व्रत कब रखा जाता है, क्या है इसका महत्व?

नवरात्रि की चतुर्थ देवी कूष्मांडा की पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती

Budh uday: बुध का मीन राशि में उदय, जानिए 12 राशियों का राशिफल

साल का चौथा महीना अप्रैल, जानें किन राशियों के लिए रहेगा भाग्यशाली (पढ़ें मासिक भविष्‍यफल)

Aaj Ka Rashifal: 01 अप्रैल 2025 माह का पहला दिन, आज किसे मिलेगी बजरंगबली की कृपा (पढ़ें अपना राशिफल)

अगला लेख