Biodata Maker

लाल किताब की यह 9 सावधानियां जरूर पढ़ें कोई भी उपाय आजमाने से पहले, वरना पछताएंगे

Webdunia
लाल किताब के नाम से आजकल सभी परिचित हैं। इसकी एक खास वजह यह है कि इस में वर्णित सभी उपाय
बहुत सरल और सस्ते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल किताब की कुछ सावधानियां भी हैं। आइए पढ़ते हैं... 
 
सूर्य ग्रह कुंडली में बलवान होने पर- जातक को सूर्य की वस्तुएं सोना, गेहूं, गुड़ व तांबे का दान नहीं करना चाहिए अन्यथा सूर्य निर्बल हो जाएगा।
 
चंद्र बलवान होने पर- चांदी, मोती, चावल आदि (चंद्र की वस्तुएं) उपहार या दान में नहीं देने चाहिए।
 
मंगल बलवान होने पर- मिठाई, गुड़, शहद आदि मंगल की वस्तुएं दूसरों को न तो देने चाहिए न ही खिलाने चाहिए।
 
ALSO READ: इसलिए भी जरूरी है पेड़ हमारे लिए, जानिए लाल किताब क्या कहती है

बुध बलवान होने पर- कलम का उपहार नहीं देना चाहिए।
 
बृहस्पति बलवान होने पर- पुस्तकों का उपहार नहीं देना चाहिए।
 
शुक्र बलवान होने पर- सिले हुए सुंदर वस्त्र, सेंट (परफ्यूम) और आभूषण उपहार में नहीं देने चाहिए।
 
शनि बलवान होने पर- शनि की वस्तु शराब दूसरों को नहीं पिलानी चाहिए।
 
राहु को बलवान करने के लिए जातक को सीसे (राहु की वस्तु) की गोली अपने पास रखनी चाहिए। लेकिन इसे किसी को देनी नहीं चाहिए। 
 
केतु को बलवान करने के लिए कुत्ता (केतु का कारक) पालना चाहिए। इन सरल उपायों का आवश्यकतानुसार श्रद्धापूर्वक पालन करने से जातक को ग्रह जनित पीडा़ से मुक्ति मिलती है और जीवन सुखमय होता है।

- अनिरुद्ध जोशी (शतायु)
 
ALSO READ: लाल किताब में दिए हैं 12 राशि के अनोखे उपाय, पढ़ें क्या है आपकी राशि का उपाय
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शनि की साढ़ेसाती का 3 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 2 राशियों पर ढैय्या का क्या होगा असर?

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

February 2026 Festivals: फरवरी माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार

बृहस्पति का इस वर्ष 2026 में 3 राशियों में होगा गोचर, किस राशि को क्या मिलेगा, कौन होगा परेशान

महाशिवरात्रि का त्योहार कब मनाया जाएगा, 15 या 16 फरवरी 2026?

सभी देखें

नवीनतम

मंगल 2027 तक नरेंद्र मोदी को देगा मजबूती, इसके बाद इस नेता का होगा उदय

Yashoda Jayanti 20026: कब है यशोदा जयंती 6 या 7 फरवरी, जानें सही डेट, मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

रौद्र संवत्सर में इस बार हिंदू वर्ष होगा 13 माह का, 5 राशियों के लिए बनेगा अपराजेय योग

शुक्रवार के खास 5 उपाय, धन संबंधी परेशानी करेंगे दूर

Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और चंद्रोदय का समय