इस बार सिंह पर सवार होकर आएगी संक्रांति, 14 और 15 दोनों दिन मनेगी, पढ़ें राशियों पर असर

पं. हेमन्त रिछारिया
वर्ष 2019 में "मकर संक्रांति" का पर्व 14 व 15 तारीख को मनाया जाएगा। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। जब सूर्य गोचरवश भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब इसे "मकर-संक्रांति" कहा जाता है। वर्ष 2019 में सूर्य दिनांक 14 जनवरी को सायंकाल 7 बजकर 51 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। उदयकालीन तिथि की मान्यतानुसार सूर्य 15 जनवरी को प्रात: मकर राशि में होंगे अत: इसी दिन "मकर-संक्रांति" का पर्व मनाया जाएगा।
 
संक्रांति का वाहन-
 
इस बार संक्रांति का वाहन सिंह एवं उपवाहन गज (हाथी) होगा। वर्ष 2019 में संक्रांति श्वेत वस्त्र धारण किए स्वर्ण-पात्र में अन्न ग्रहण करते हुए कुंकुम का लेप किए हुए उत्तर दिशा की ओर जाती हुई आ रही है।
 
संक्रांति का पुण्य काल-
 
"मकर संक्रांति" के दिन पवित्र नदियों में तिल का उबटन लगा कर स्नान करना विशेष लाभप्रद रहता है। "मकर संक्रांति" स्नान का पुण्य काल दिनांक 14 जनवरी 2019 की अर्द्धरात्रि 2 बजकर 20 मिनट से दिनांक 15 जनवरी 2019 को प्रात:काल से लेकर सायंकाल 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।
 
तिलदान का विशेष महत्व-
 
"मकर-संक्रांति के दिन तिल से बनी हुई वस्तुओं एवं ताम्र पात्रों का दान देना श्रेयस्कर रहेगा।
 
 
"मकर संक्रांति" का फ़ल-
 
12 राशियों पर "मकर संक्रांति" का फ़ल निम्नानुसार होगा-
 
1. मेष-धनलाभ
2. वृष-हानि
3. मिथुन-लाभ
4. कर्क-कार्यसिद्धि
5. सिंह-पुण्य लाभ
6. कन्या- कष्ट व पीड़ा
7. तुला- सम्मान व प्रतिष्ठा की प्राप्ति
8. वृश्चिक- भय व व्याधि
9. धनु- सफ़लता
10. मकर- विवाद
11. कुंभ- धनलाभ
12. मीन- कार्यसिद्धि
 
-ज्योतिर्विद हेमंत रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र 
संपर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

चैत्र नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि का क्या है महत्व?

इस साल क्यों खास है राम नवमी? जानिए कैसे भगवान राम की कृपा से जीवन में आ सकती है समृद्धि

राम नवमी पर महातारा जयंती, जानिए माता की पूजा का मुहूर्त

श्रीराम राज्य महोत्सव: कहां तक थी राम राज्य की सीमा?

राम नवमी के दिन क्या करें और क्या नहीं, जान लीजिए नियम

सभी देखें

धर्म संसार

06 अप्रैल 2025 : आपका जन्मदिन

18 अप्रैल: गुड फ्राइडे पर जा रहे हैं चर्च, तो रखें इन बातों का विशेष ध्यान

06 अप्रैल 2025, रविवार के मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि की नवमी पर कर लें ये खास उपाय, मातारानी होंगी प्रसन्न

अयोध्या से धनुषकोडी तक ये हैं श्रीराम के पौराणिक स्थानों पर स्थित 10 मंदिर

अगला लेख