rashifal-2026

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन करें ये अचूक उपाय, चमक जाएगी किस्मत

WD Feature Desk
शनिवार, 14 दिसंबर 2024 (15:54 IST)
Margashirsha Purnima: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भगवान दत्तात्रेय, माता अन्नपूर्णा, माता त्रिपुर भैरवी की जयंती रहती है। इसलिए इस दिन तोनों की ही कथा पढ़ने का प्रचलन है। हालांकि व्रत कथा माता अन्नपूर्णा से जुड़ी हुई है। इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत 15 दिसंबर को रखा जाएगा। पुराणों में इस दिन स्नान, दान और तप का विशेष महत्व बताया गया है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन हरिद्वार, बनारस, मथुरा और प्रयागराज आदि जगहों पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान और तप करते हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने का महत्व है। आओ जानते हैं किस्मत चमकाने वाले 5 उपाय।
 
1. तुलसी स्नान: इस दिन तुलसी की जड़ की मिट्टी से पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। श्रीहरि की कृपा से धन संबंधी सभी समस्या का समाधान होता है।
 
2. सत्यनारायण की पूजा: इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करना और कथा सुनने का महत्व है। यह परम फलदायी बताई गई है। इससे सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन भगवान श्री दत्तात्रेय की पूजा करें। दत्तात्रेय महाराज श्रीहरि विष्णु के ही अवतार हैं।
ALSO READ: मार्गशीर्ष अमावस्या पर करते हैं सत्यनारायण भगवान की कथा, जानिए पूजा विधि
3. पीपल की पूजा: पीपल के पेड़ की पूजा करने व दूध मिश्रित जल चढ़ाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे घर का दीपक जलाकर वृक्ष की 11 परिक्रमा करें।
 
4. दान: इस दिन दिए गए दान का फल अन्य पूर्णिमा की तुलना में 32 गुना ज्यादा बताया गया है। अत: यथाशक्ति दान दें। इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा करने से आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी।
 
5. गुड़ और चंदन: कर्ज से परेशान व्यक्ति मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर एक चुटकी लाल चंदन और गुड़ चढ़ाएं। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है
 
क्या करते हैं इस दिन: इस दिन श्रीहरि के नारायण रूप की पूजा करते हैं। सुबह उठकर या तिथि प्रारंभ होने के पूर्व व्रत का संकल्प लेते हैं। इसके बाद सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर आचमनादि करके ऊँ नमोः नारायण कहकर श्रीहरि का आह्‍वाहन करते हैं और फिर उनकी पंचोपचार पूजा करते हैं। जिसमें गंध, पुष्प, नैवेद्य आदि भगवान अर्पित करके आरती करते हैं। पूजा आरती के बाद हवन करते हैं। हवन में तेल, घी और बूरा आदि की आहुति देते हैं। हवन की समाप्ति के बाद भगवान का ध्यान करें। रात्रि को भगवान नारायण की मूर्ति के पास ही शयन करें। दूसरे दिन व्रत का पारण करने के लिए यथाशक्ति गरीबों को दान-दक्षिणा दें।ALSO READ: धन या लक्ष्मी प्राप्ति के लिए कौनसे मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, उपाय और चालीसा का पाठ करना चाहिए?
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Magh Mela 2026: माघ मेले के संबंध में 10 दिलचस्प बातें

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2026, सात महीने का भीषण युद्ध सहित 6 बड़ी भविष्यवाणियां

Magh Mela 2026: माघ मेले में जा रहे हैं तो जानिए क्या करें और क्या नहीं

जनवरी माह 2026 में कैसा रहेगा 12 राशियों का राशिफल

सभी देखें

नवीनतम

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (08 जनवरी, 2026)

08 January Birthday: आपको 8 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 जनवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Horoscope:धनु राशि में चतुर्ग्रही योग, 4 राशियों के लिए बेहद शुभ

अगला लेख