shiv chalisa

हाथ पर बंधा धागा क्या सेहत की भी करता है सुरक्षा, जानिए यहां...

Webdunia
कलाई पर लाल धागा, मौली, नाड़ा बांधने की पुरानी परंपरा है। इस लाल धागे को रक्षासूत्र भी कहा जाता है। इसके बिना पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। जब भी कलाई पर ये धागा बनवाते हैं तो अपने मंत्रों का जाप भी किया जाता है। कलाई पर मौली बांधने से धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। जानिए इस परंपरा से जुड़ी खास बातें...
 
मौली बांधने से दूर होते हैं त्रिदोष
 
कलाई पर मौली वहां बांधी जाती है, जहां से आयुर्वेद के जानकार वैद्य नाड़ी की गति पढ़कर बीमारी का पता लगाते हैं।
 
इस जगह पर मौली बांधने से पल्स पर दबाव बना रहता है और हम त्रिदोषों से बच सकते हैं।
 
इस धागे से दबाव से त्रिदोष यानी कफ, वात और पित्त से संबंधित तीन तरह की बीमारियां कंट्रोल हो सकती है।
 
कफ यानी सर्दी-जुकाम और बुखार से जुड़ी बीमारियां, वात यानी गैस, एसीडिटी से जुड़ी बीमारियां, पित्त यानी फोड़े-फूंसी, त्वचा से जुड़ी बीमारियां। इन सभी बीमारियों की परख वैद्य कलाई की नब्ज से करते हैं।
 
मौली का शाब्दिक अर्थ है सबसे ऊपर, इसका अर्थ सिर से भी है। शंकर भगवान के सिर पर चंद्रमा विराजमान है, इसीलिए शिवजी को चंद्रमौलैश्वर भी कहा जाता है। मौली बांधने की प्रथा तब से चली आ रही है, जब दानवीर राजा बलि की अमरता के लिए वामन भगवान ने उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था।

ALSO READ: मौली क्या है, क्यों है इसका इतना धार्मिक महत्व, पढ़ें खास बातें...

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

13 महीने का साल, गुरु बने राजा और मंगल मंत्री, रौद्र संवत्सर में इन 5 चीजों का अभी कर लें इंतजाम

हिंदू नववर्ष को क्यों कहते हैं गुड़ी पड़वा?

साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

चैत्र नवरात्रि 2026: कौनसी तिथि किस दिन? घटस्थापना से पारण तक पूरा शेड्यूल

सभी देखें

नवीनतम

15 March Birthday: आपको 15 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 मार्च 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope 2026: साप्ताहिक राशिफल 16 से 22 मार्च, जानें करियर, परिवार, स्वास्थ्य और रोमांस के बारे में

सूर्य का मीन राशि में गोचर: 12 राशियों में किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

नव संवत्सर 2083 का कौन राजा, मंत्री और अन्य मंत्री, क्या होगा देश दुनिया में प्रभाव?

अगला लेख