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कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें

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narendra modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और उनके भविष्य को लेकर ज्योतिषीय गणनाएँ और राजनीतिक स्थितियाँ अलग-अलग संकेत देती हैं, कई ज्योतिष बता रहे हैं कि वर्ष 2026 से 2027 के बीच मोदी जी अपना पद छोड़ देंगे, क्योंकि देश में परिस्थिति ऐसी अराजकता की बनेगी कि उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। कई ज्योतिष यह भी कह रहे हैं कि कोई सेहत संबंधी समस्या के चलते उन्हें पद छोड़ना होगा। लेकिन क्या सच में ऐसा होने वाला है? 
 

1. इस वायरल भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद:

सोशल मीडिया पर वायरल विभिन्न प्रसिद्ध ज्योतिषियों के अनुसार फरवरी 2026 से अप्रैल 2027 के बीच का समय (विशेषकर मंगल-शुक्र की दशा) उनके स्वास्थ्य और आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अगस्त 2026 में होने वाले ग्रहणों को उनके लिए 'लिटमस टेस्ट' माना जा रहा है। ज्योतिषियों का मानना है कि देश में मोदी को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष एकजुट होकर किसी हिंसक आंदोलन को हवा देगा जिसके चलते देश में किसान आंदोलन या शाहिनबाग जैसे आंदोलन की स्थिति निर्मित होगी। यह स्थिति देश और जनता सभी के लिए नुकसानदायक साबित होगी। मोदी को हटाने के चक्कर में इससे देश की अर्थ व्यवस्था को एक बड़ा झटका लगेगा है और सीमाओं पर खतरा बढ़ सकता है। इसके चलते देश में मिलिट्री शासन लगने की संभावना भी जताई जा रही है। नीचे उन सभी वायरल भविष्‍यवाणियों की लिंक दी गई है-

 

2. मोदी की जन्मकुंडली: ज्योतिष का ज्ञान

मंगल का शत्रुहंता योग: पीएम मोदी की जन्मकुंडली वृश्चिक लग्न की है और उनकी राशि भी वृश्चिक है। वृश्चिक लग्न में मंगल और चंद्र की युति हैं। इसी के साथ ही लग्नेश मंगल केंद्र में स्वराशिस्थ होकर 'रूचक' नामक पंच महापुरुष राजयोग बना है। मंगल छठे एवं प्रथम भाव का स्वामी होकर लग्न में स्थित हैं, इसलिए मोदी के शत्रु मोदी से कभी जीत नहीं पाएं। जिन लोगों ने भी उनसे सीधा सीधा पंगा लिया उनका भविष्य खतरे में आ गया है। वर्तमान में जो लोग मोदी के खिलाफ बोल रहे हैं उन्हें संभलकर बोलना चाहिए क्योंकि मोदी की कुंडली का शत्रुहंता योग उनकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। 
 
मंगल की महादशा: वर्तमान में पीएम मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है जो 29 नवम्बर 2021 से प्रारंभ होकर 29 नवम्बर 2028 तक रहेगी। गुरु की अंतर्दशा होने से दुनिया के सभी नेता मोदी को अपना नेता मानेंगे और दशम भाव में शुक्र के होने से चुनौतियां तो बहुत मिलेंगी परंतु गुरु के कारण उन सबसे पार पा लेंगे। 07/12/027 के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति में बदलाव होना प्रारंभ होगा और इसके बाद 2028 तक उनका पद पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा। इस बीच देश के पटल पर एक नए नेता के उदय होने की संभावना प्रबल है।
 

3. नरेंद्र मोदी की जन्मकुंडली और लाल किताब का ज्ञान:

लाल किताब ज्योतिष के अनुसार, 17 सितंबर 2020 से 17 सितंबर 2026 तक शनि की महादशा चल रही है, जिसके अंतर्गत शनि की ही अंतर्दशा है। इसके बाद 17 सितंबर 2032 तक राहु की दशा शुरू होगी। इस दशा का संकेत है कि वर्ष 2027 तक प्रधानमंत्री मोदी की शक्ति और भारत का सम्मान पूरी दुनिया में और भी अधिक बढ़ेगा। इसका अर्थ है कि उन्हें 2027 तक कोई पद से नहीं हटा सकता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 
Edited by: Anirudh Joshi

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