khatu shyam baba

Vastu Astro Tips : रात में नहीं आती है नींद तो इसके हैं 3 वास्तु और 3 ज्योतिष कारण और उपाय

WD Feature Desk
बुधवार, 8 मई 2024 (17:23 IST)
Neend aane ke Astro vastu tips: नींद नहीं आने के कई कारण होते हैं। भविष्य की चिंता करना, ज्यादा सोचना, किसी प्रकार का रोग और यदि आपको रोज रात को नींद नहीं आती है या आती भी है तो देर रात को या सुबह-सुबह आती है तो वास्तु और ज्योतिष के अनुसार आप अपनी नींद में सुधार कर सकते हैं। आओ जानते हैं वास्तु और ज्योतिष के टिप्स।
ALSO READ: Vastu Tips : वास्तु के अनुसार जानें कि किस कारण से आती है घर में दरिद्रता
वास्तु टिप्स :-
1. किस दिशा में करें पैर : भारतीय ज्योतिष, वास्तु और हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, दक्षिण या पूर्व दिशा में पैर करने नहीं सोना चाहिए। इस दिशा में पैर करके सोने से शारीरिक और मानसिक क्षरण होने की बात कई जाती है। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के प्रभाव को जानकर ही उचित दिशा में पैर करके सोएं। पश्चिम दिशा में सिर रखकर नहीं सोते हैं क्योंकि तब हमारे पैर पूर्व दिशा की ओर होंगे जो कि शास्त्रों के अनुसार अनुचित और अशुभ माने जाते हैं। पूर्व में सूर्य की ऊर्जा का प्रवाह भी होता है अत: यह ऊर्जा के प्रवाह नियम के विरुद्ध भी है। लगातार दक्षिण या पूर्व दिशा में पैर रखकर सोने से व्यक्ति के जीवन में निराशा, भय, आशंका, आलस्य, बुरे स्वपन जैसे नकारात्मक विचार का संचार होता है। दक्षिण में मस्तक रखकर सोने से धनलाभ और आरोग्य लाभ होता है और पूर्व दिशा में मस्तक रखकर सोने से विद्या की प्राप्ति होती है।
ALSO READ: Vastu Tips : यदि गृह कलह हो रहा है तो घर के कौन से वास्तु को करें ठीक
2. किस दिशा में सोना शुभ है : मुख्य शयन कक्ष, जिसे मास्टर बेडरूम भी कहा जाता हें, घर के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) की ओर होना चाहिए। अगर घर में एक मकान की ऊपरी मंजिल है तो मास्टर बेडरूम ऊपरी मंजिल के दक्षिण-पश्चिम कोने में होना चाहिए। यदि शयन कक्ष अग्निकोण में हो तो पूर्व-मध्य दीवार पर शांत समुद्र का चित्र लगाना चाहिए।
ALSO READ: kitchen Tips: वास्तु के अनुसार किचन का कलर किस प्रकार का होना चाहिए
3. बिस्तर : डबलबेड के गद्दे दो हिस्सों में न हो। यानी गद्दा एक ही होना चाहिए, वह बीच में विभाजित नहीं होना चाहिए। खराब बिस्तर, तकिया, परदे, चादर, रजाई आदि नहीं रखें। बिस्तर, तकिए और गद्दे न तो एकदम सख्‍त होना चाहिए और न एकदम मुलायम। चादर का रंग गुलाबी, हल्का पीला, नारंगी या क्रीम होना चाहिए। आप चाहे तो पिंकिश कलर की चादर भी ले सकते हैं। जिस पलंग पर बिस्तर बिछाकर सो रहे हैं वह चौकोर या आयातकार होना चाहिए। टूटा नहीं होना चाहिए।
ज्योतिष टिप्स :
 
1. पानी का लौटा : सोने से पहले अपने सिरहाने पानी से भरा एक तांबे का लोटा रखें। सुबह उठते से ही उस लोटे का पानी बाहर कहीं ढोल दें या वॉशबेसिन में डाल दें। मानसिक तनाव दूर होगा। 
ALSO READ: Vastu Tips: वास्तु के अनुसार सेप्टिक टैंक कहां बनाएं
2. कपूर जलाएं : सोने से पूर्व प्रतिदिन कर्पूर जलाकर सोएंगे तो आपको बेहद अच्‍छी नींद आएगी और साथ ही हर तरह का तनाव खत्म हो जाएगा। कर्पूर के और भी कई लाभ होते हैं। वास्तु दोष दूर होगा और वातावरण में सुधार होगा।
 
3. सकारात्मक सोच : सोने से पूर्व आप बिस्तर पर वे बातें सोचें, जो आप जीवन में चाहते हैं। जरा भी नकारात्मक बातों का खयाल न करें, क्योंकि सोने के पूर्व के 10 मिनट तक का समय बहुत संवेदनशील होता है जबकि आपका अवचेतन मन जाग्रत होने लगता है और उठने के बाद का कम से कम 15 मिनट का समय भी बहुत ही संवेदनशील होता है। इस दौरान आप जो भी सोचते हैं वह वास्तविक रूप में घटित होने लगता है। सोने से पहले अपने ईष्ट देव का एकबार ध्यान जरूर करें और फिर प्रार्थना कर के सो जाएं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक की पौराणिक कथा: क्यों माने जाते हैं ये 8 दिन अशुभ?

Phalguna month Hindu calendar 2026: फाल्गुन शुक्ल पक्ष में पड़ेंगे ये खास त्योहार

2020 में लगे थे 6 ग्रहण, अब फिर आने वाला है ऐसा दौर? जानें क्या सच में होगा बड़ा बदलाव

Success in Exams: एक्जाम में पाना है अच्छी सक्सेस, तो करें ये 5 खास उपाय

Angarak Yog 2026: कुंभ राशि में मंगल से बना अंगारक योग, 4 राशियों के लिए शुरू होगा राजयोग का सुनहरा दौर

सभी देखें

नवीनतम

22 February Birthday: आपको 22 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 फरवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope 2026: साप्ताहिक राशिफल 23 फरवरी से 01 मार्च, जानें फरवरी के अंतिम सप्ताह का राशिफल

Saptahik Ank Rashifal 2026: किस मूलांक का होगा यह सप्ताह शानदार, पढ़ें अंक राशिफल 23 फरवरी से 1 मार्च

अगला लेख