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चल रहा है अग्नि पंचक, इन खास बातों का रखें ध्यान, करें ये उपाय

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* अग्नि पंचक के अशुभ समय को शुभता में बदल देंगे ये खास उपाय...
 
ज्योतिष शास्त्र में पंचक को शुभ नक्षत्र नहीं माना जाता है। इसे अशुभ और हानिकारक नक्षत्रों का योग माना जाता है। अत: इन 5 दिनों में विशेष संभलकर रहने की आवश्यकता होती है, इसीलिए पंचक के दौरान कोई भी जोखिमभरा कार्य करने से बचना चाहिए। इस दिनों औजारों की खरीददारी, निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए।
 
इस बार पंचक काल 04 जून 2018 की रात्रि 1 बजकर 39 मिनट से पंचक लग गया है। मंगलवार को शुरू हुए पंचक को अग्नि पंचक कहते हैं। अत: अग्नि पंचक के दौरान आग लगने का भय अधिक रहता है, इस वजह से इस पंचक को शुभ नहीं कहा जा सकता।

4 जून से शुरू हुआ यह पंचक शनिवार, 9 जून 2018 रात्रि 7.37 मिनट तक जारी रहेगा। इस अग्नि पंचक के दौरान कुछ खास उपाय करके आप काफी हद तक परेशानियों से मुक्ति पा सकते है। 
 
आइए जानें उपाय...
 
* पंचक में अगर ईंधन इकट्ठा करना जरूरी हो तो पंचमुखी दीपक (आटे से निर्मित, तेल से भरकर) शिवजी के मंदिर में जलाएं, उसके बाद ईंधन खरीदें।
 
* पंचक के दौरान अगर किसी कारणवश दक्षिण दिशा की यात्रा करना ही पड़ें तो हनुमान मंदिर में 5 फल चढ़ाकर यात्रा करें।
 
* अगर घर में शादी का शुभ समय आ गया है और समय की कमी है तब लकड़ी का सामान खरीदना जरूरी हो तो गायत्री हवन करवा कर लकड़ी का फर्नीचर, पलंग तथा अन्य वस्तुएं की खरीदारी कर सकते हैं।
 
* अगर इन दिनों घर के मकान की छत डलवाना जरूरी हो तो ऐसे समय में मजदूरों को मिठाई खिलाएं, तत्पश्चात छत डलवाने का कार्य करें। 
 
* किसी रिश्तेदारी में शव दहन का समय हो या घर में ‍अचानक किसी की मृत्यु हो गई हो तो पंचक होने के कारण शव दहन के समय 5 अलग पुतले बनाकर उन्हें अवश्य जलाएं। तत्पश्चात दाह संस्कार करें। 
 
इस तरह के उपाय करने से पंचक में मिलने वाले अशुभ फलों में कमी आती है तथा आप बुरे संकट से बच सकते हैं। 

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