Hanuman Chalisa

प्राण देने वाले की प्रतिमा में 'प्राण प्रतिष्ठा' आप कैसे कर सकते हैं?

पं. हेमन्त रिछारिया
पण्डितजन कहते हैं कि हम भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा कर रहे हैं। भगवान की प्राण प्रतिष्ठा.....! कितनी आश्चर्य की बात है कि जो परमात्मा इस जगत के समस्त प्राणियों में प्राणों का संचार करता है हम उस परमात्मा की प्राण-प्रतिष्ठा कर रहे हैं।

ALSO READ: श्रावण मास में आदर करें निर्माल्य का, जानिए किसे कहते हैं निर्माल्य
 
 यदि शास्त्र गलत हाथों में पड़ जाए तो शस्त्र से भी अधिक खतरनाक साबित हो जाता है। यदि कोई नर, नारायण के प्राणों की प्रतिष्ठा करने में सक्षम हो जाए तो वह नारायण से बड़ा हो जाएगा क्योंकि जन्म देने वाला सदा ही जन्म लेने वाले के बड़ा होता है इसलिए अपनी नर लीलाओं में स्वयं नारायण भी अपने जन्म देने वाले माता-पिता के आगे झके हैं। ये बड़ी गहरी बात है। 
 
शास्त्रों में किसी पाषाण प्रतिमा अथवा पार्थिव मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा बहुत सांकेतिक है। सनातन धर्म में पाषाण की प्रतिमा बनाने के पीछे जो गूढ उद्देश्य है वह यह है कि परमात्मा के प्रेम, भक्ति व श्रद्धा में हमारी दृष्टि इतनी सूक्ष्म व संवेदनशील हो जाए कि हमें संसार की सबसे जड़ वस्तु पाषाण में भी परमात्मा के दर्शन होने लगें। किन्तु वर्तमान समय में हमने इस तथ्य का विस्मरण कर इसे केवल रूढ़ परम्परा बनाकर अपनाए रखा है। 

ALSO READ: किसने कहा फ्रिज में रखा आटा भूत खाते हैं? अंधविश्वास से बचें
 
आज हम चैतन्य जीवों में भी परमात्मा नहीं देख पा रहे हैं और पाषाण प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा का दिखावा कर रहे हैं, जो अनुचित है। प्राण-प्रतिष्ठा से आशय केवल इतना ही है कि एक ना एक दिन हमें अपनी इस पंचमहाभूतों से बनी देह प्रतिमा में उस परमात्मा को जो इसमें पहले से ही उपस्थित है, साक्षात्कार कर प्रतिष्ठित करना है। जब हम अपनी देह में उस परमात्म तत्त्व को अनुभूत कर पाएंगे तभी हम संसार के समस्त जड़-चेतन में उस ईश्वर का दर्शन कर पाएंगे। पाषाण मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का उपक्रम करना इसी बात का स्मरण मात्र है।

ALSO READ: क्या आपने किया है महामृत्युंजय मंत्र का पुरश्चरण, पढ़ें नई जानकारी
 
ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
संपर्क : astropoint_hbd@yahoo.com
Show comments

ज़रूर पढ़ें

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 मई, 2026)

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख