rashifal-2026

दोपहर 12 से 3 बजे के बीच हुआ है जन्म तो होगा ये भविष्य

अनिरुद्ध जोशी
सोमवार, 24 फ़रवरी 2020 (10:53 IST)
व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।
 
 
सुबह का तीसरा प्रहर : दिन के तीसरे प्रहर को अपरान्ह (दोपहर बाद) कहते हैं। यह समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तक का रहता है। यह तमोगुणी समय होता है। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चों को अपनी जीवन की शुरुआत में शिक्षा को लेकर संघर्ष करना होता है। शिक्षा में बाधाएं आती है। इस प्रहर में जन्म लेने वाला बच्चा जिद्दी भी होता है। हालांकि ऐसे बच्चों के स्वभाव को समझकर इनके साथ समझदारी से काम लिया जाए तो वे अपनी शिक्षा पूर्ण कर सकते हैं।
 
 
इस प्रहर में क्या करें : दिन के तीसरे प्रहर को अपरान्ह या सप्तम प्रहर भी कहते हैं। यह तमोगुणी समय होता है। इस प्रहर में भोजन करना उत्तम है लेकिन सोना और स्नान करना उचित नहीं। इस प्रहर में नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। इस प्रहर में भगवान श्रीकृष्ण की उपासना की जाए तो संतान उत्पत्ति की समस्या दूर होती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Budh Gochar 2025: बुध का धनु राशि में गोचर, 8 राशियों के लिए बेहद ही शुभ

जनवरी माह 2026 में कैसा रहेगा 12 राशियों का राशिफल

नए साल 2026 के संकल्प: क्यों 90% लोग फेल हो जाते हैं और आप कैसे सफल हो सकते हैं?

जनवरी 2026 में 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा

2026 में ऑनलाइन ज्योतिष (Astrology) परामर्श के लिए 10 भरोसेमंद ज्योतिष वेबसाइट्‍स

सभी देखें

नवीनतम

31 December Birthday: आपको 31 दिसंबर, 2025 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 दिसंबर, 2025: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी को मनाया जाएगा 'मकर संक्रांति' पर्व, वर्षों बाद बना दुर्लभ संयोग

पौस मास पुत्रदा एकादशी का व्रत क्यों रखते हैं, क्या है इसका नियम, पारण और पूजा विधि

Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, जानिए महत्व

अगला लेख