Hanuman Chalisa

17 सितंबर को श्री राधा अष्टमी पर्व, जानिए कैसे करें पूजन...

Webdunia
राधा अष्टमी पर्व प्रतिवर्ष भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 17 सितंबर 2018, सोमवार को मनाया जा रहा है।  
 
अष्टमी के दिन श्रीकृष्ण की बाल सहचरी, जगजननी भगवती शक्ति राधाजी का जन्म हुआ था। राधा के बिना श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व अपूर्ण है। यदि श्रीकृष्ण के साथ से राधा को हटा दिया जाए तो श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व माधुर्यहीन हो जाता। राधा के ही कारण श्रीकृष्ण रासेश्वर हैं। आइए जानें :- 
 
कैसे करें राधाष्टमी व्रत :- 
 
* प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त हो जाएं।
 
* इसके बाद मंडप के नीचे मंडल बनाकर उसके मध्यभाग में मिट्टी या तांबे का कलश स्थापित करें।
 
* कलश पर तांबे का पात्र रखें।
 
* अब इस पात्र पर वस्त्राभूषण से सुसज्जित राधाजी की सोने (संभव हो तो) की मूर्ति स्थापित करें।
 
* तत्पश्चात राधाजी का षोडशोपचार से पूजन करें।
 
* ध्यान रहे कि पूजा का समय ठीक मध्याह्न का होना चाहिए।
 
* पूजन पश्चात पूरा उपवास करें अथवा एक समय भोजन करें।
 
* दूसरे दिन श्रद्धानुसार सुहागिन स्त्रियों तथा ब्राह्मणों को भोजन कराएं व उन्हें दक्षिणा दें।

ALSO READ: महालक्ष्मी पर्व शुरू, पढ़ें जेठानी-देवरानी की कथा एवं पर्व का महत्व

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

26 मई को उदय होंगे बुध ग्रह: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल?

मिथुन राशि में गुरु-शुक्र की दुर्लभ युति, 3 राशियों पर होगी धन और सुख की बारिश

Purushottam Maas: अधिकमास में ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, मिलेगा अक्षय पुण्य

Vastu Lifestyle Tips: वास्तु के अनुसार कपड़े, जूते और हेयरकट चुनें, बदल सकती है किस्मत

सभी देखें

नवीनतम

27 May Birthday: आपको 27 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 27 मई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

ज्योतिष विश्लेषण: जून माह में कैसा रहेगा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिदृष्य

जून 2026 में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज, जानिए क्या कहता है ज्योतिष

Purnima date 2026: अधिकमास की पूर्णिमा का व्रत रखने का क्या है महत्व, जानिए पूजा मुहूर्त और विधि

अगला लेख