ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु का एक राशि चक्र लगभग 18 वर्ष में पूरा होता है। 18 मई 2025 को मायावी ग्रह राहु ने बृहस्पति की राशि मीन से निकलकर कुंभ में प्रवेश किया था तभी से देश और दुनिया में राजनीतिक उथल पुथल के साथ ही टेक्नोलॉजी में वृद्धि हुई है। इसी के साथ ही झूठ और भ्रम के बढ़ने के साथ ही लोगों का व्यवहार भी दिनोंदिन खराब होने लगा है। वर्तमान में कुंभ राशि 13 फरवरी को सूर्य के साथ उसकी युति बनेगी जिसे ग्रहण योग कहा जा रहा है। इस अद्भुत संयोग के बनने पर दुनिया और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाले 10 बड़े प्रभावों की भविष्यवाणियां यहाँ दी गई हैं।
जागृत हो गया है राहु:
ज्योतिष के अनुसार जब कोई ग्रह 24 से 30 डिग्री के बीच गोचर कर रहा होता है तो उसे मृत या सोया हुआ माना जाता है लेकिन अब 2 सितंबर से कलयुग का मुख्य मायावी राहु जागने वाला है। वैसे कुंभ में राहु के प्रवेश से ही राहु की नींद खुलने लगी थी और अब यह 2 सितंबर से पूर्ण जागृत होकर दुनिया में तेजी से बदलावा करेगा। अधिकांश ग्रह सामान्य हवा की तरह चलते हैं लेकिन राहु और शनि तूफान की तरह चलते हैं।
कुंभ में बन रहा है अशुभ योग:
कुंभ राशि में राहु के साथ सूर्य, बुध और शुक्र की युति भी बन रही है। अर्थात चतुर्ग्रही योग बन रहा है लेकिन कहते हैं कि राहु जिसके भी साथ होता है वह उस ग्रह को ग्रहण लगा देता है। सूर्य अर्थात आत्मा और अत्मबल पर ग्रहण, बुध अर्थात बुद्धि, करोबार और वाणी पर ग्रहण और शुक्र अर्थात ऐश्वर्य, धन और समृद्धि पर ग्रहण।
1. तकनीक और AI में क्रांतिकारी बदलाव
कुंभ राशि नवाचार (Innovation) की राशि है। राहु के साथ यह युति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष विज्ञान और नई तकनीक में ऐसी प्रगति लाएगा जिसकी कल्पना अभी करना मुश्किल है। दुनिया एक डिजिटल युग के नए चरण में प्रवेश करेगी।
2. सत्ता और राजनीति में उलटफेर
राहु अचानक बदलाव का कारक है। कई देशों में पुरानी सत्ता संरचनाएं ढह सकती हैं और नए, युवा नेतृत्व का उदय होगा। राजनीतिक समीकरणों में 'शतरंज की चालों' जैसी अप्रत्याशित घटनाएं बढ़ेंगी। जन विद्रोह से देशों में अस्थिरता का नया दौर प्रारंभ होगा। राहु भ्रम और प्रचार का ग्रह है। इस दौरान सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ेगा और जनमत तेजी से बदलेगा। अफवाहों और गलत सूचनाओं से सतर्क रहना जरूरी होगा।
3. आर्थिक बाज़ारों में भारी उतार-चढ़ाव
शेयर बाजार और विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी में जबरदस्त उछाल और फिर अचानक गिरावट देखी जा सकती है। राहु कुंभ में रातों-रात अमीर बनाने की क्षमता रखता है, लेकिन यह जोखिम भी बढ़ाता है क्योंकि सूर्य, बुध और शुक्र इसकी गिरफ्त में हैं। स्टॉक मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन व्यापार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोना चांदी में निवेश से पहले सावधानी जरूरी होगी।
4. स्वास्थ्य और विज्ञान में बड़ी खोज
चिकित्सा के क्षेत्र में कोई ऐसी दवा या उपचार पद्धति सामने आ सकती है जो अब तक लाइलाज मानी जाने वाली बीमारियों (जैसे कैंसर या आनुवंशिक रोग) के लिए वरदान साबित होगी। इसी के साथ ही लोग अजीब तरह की महामारी की गिरफ्त में भी रह सकते हैं। अंतरिक्ष, चिकित्सा और रिसर्च से जुड़े क्षेत्रों में बड़ी खोज संभव है। किसी छुपे हुए सत्य या रहस्य का खुलासा भी हो सकता है।
5. सामाजिक विचारधारा में परिवर्तन
पुरानी परंपराओं को चुनौती दी जाएगी। समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को लेकर बड़े आंदोलन हो सकते हैं। लोग लकीर से हटकर सोचने को मजबूर होंगे। धर्म, समाज और जाति की दीवार को तोड़ने का प्रयास किया जाएगा। लेकिन इसी बीच सांप्रदायिकता भी अपने चरम पर रहेगी।
6. हवाई और अंतरिक्ष दुर्घटनाओं के प्रति सावधानी
चूंकि कुंभ वायु तत्व की राशि है और राहु भ्रम पैदा करता है, इसलिए इस दौरान विमानन क्षेत्र में तकनीकी खराबी या अंतरिक्ष अभियानों में बड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
7. पर्यावरण और रहस्यमयी मौसम
मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव देखने को मिलेंगे। बेमौसम बारिश या चक्रवातों की आवृत्ति बढ़ सकती है। राहु प्रकृति के रहस्यों को उजागर करने के साथ-साथ चौंकाने वाली प्राकृतिक घटनाएं भी दे सकता है।
8. अध्यात्म और विज्ञान का मिलन
लोग केवल अंधविश्वास पर नहीं, बल्कि तर्क आधारित आध्यात्मिकता की ओर झुकेंगे। योग, ध्यान और मेटाफिजिक्स (Metaphysics) में लोगों की रुचि वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी। लोग पारंपरिक आस्था के साथ-साथ नई आध्यात्मिक पद्धतियों की ओर आकर्षित होंगे। ध्यान, योग और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों का चलन बढ़ेगा।
9. स्टार्टअप और नए बिजनेस का उदय
पारंपरिक नौकरियों के बजाय, 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचने वाले युवाओं के लिए यह समय स्वर्ण काल होगा। छोटे शहरों से बड़े यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स निकलेंगे। AI के कारण कई लोगों को नौकरी में बदलाव करना होगा।
10. वैश्विक संबंधों में नए गठबंधन
पुराने मित्र राष्ट्रों के बीच दूरियां आ सकती हैं और नए रणनीतिक गठबंधन बनेंगे। यह समय विश्व मानचित्र पर शक्ति संतुलन (Power Balance) को पूरी तरह बदल देगा।
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