Hanuman Chalisa

ज्योतिष में राहु काल क्यों माना गया है हानिकारक, जानें किस समय न करें शुभ कार्य

Webdunia
ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह माना गया है। यह ग्रह अशुभ फल प्रदान करता है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के समय में से आठवें भाग का स्वामी राहु होता है। इसे ही राहु काल कहते हैं। यह प्रत्येक दिन 90 मिनिट का एक निश्चित समय होता है, जो राहुकाल कहलाता है। 
 
शास्त्रों में राहु काल अनिष्टकारी बताया गया है। प्रतिदिन अशुभ काल में शुभ कार्य न करें बल्कि शुभ काल में ही अपने कार्यों को करना चाहिए। इसलिए राहु के आधिपत्य का जो समय रहता है, उस दौरान शुभ कार्य करना वर्जित माने गए हैं। जैसे- राहु काल में कोई शुभ कार्य व यात्रा तथा कोई व्यापार संबंधी तथा धन का लेन-देन न करें। आइए जानें दिन के अनुसार राहु काल का समय :- 
 
 
जानिए राहु काल (अशुभ समय) का समय -
 
रविवार - सायं 4.30 से 6 बजे तक
 
सोमवार - प्रातः 7.30 से 9 बजे तक
 
मंगलवार- अपराह्न- 3 से 4.30 बजे तक
 
बुधवार- दोपहर 12 से 1.30 बजे तक
 
गुरुवार- दोपहर 1.30 से 3 बजे तक
 
शुक्रवार- सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक। 
 
शनिवार- प्रातः 9 से 10.30 बजे तक।

ALSO READ: गोधूलि-लग्न क्या है, विवाह में कब करें इस लग्न का चयन और किन बातों का रखें ध्यान, जानिए
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 मई, 2026)

17 May Birthday: आपको 17 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 मई 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं?

रोहिणी लगना और नौतपा लगने में क्या है अंतर, क्या है इसका विज्ञान

अगला लेख