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राम मंदिर उद्घाटन के दिन 4 महायोग, 22 जनवरी क्यों है इतनी खास

84 सेकंड के मुहूर्त में होगी रामलला की स्थापना, क्या है इसका महत्व

WD Feature Desk
Ram mandir udghatan ayodhya Muhurat 2024: 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। लेकिन क्या आपको पता है कि 22 जनवरी को ही क्यों चुना गया? क्योंकि इस दिन 84 सेकंड का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुहूर्त है और इसी के साथ ही 3 महायोग भी है। आओ जानते हैं शुभ दिनांक के शुभ मुहूर्त और योग का महत्व।
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राम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का समय : अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में रामलाल की मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की रस्म आगामी 22 जनवरी 2024 सोमवार को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होगी। 
 
शुभ तिथियां : राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के अनुसार मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से 24 जनवरी 2024 की सभी तिथियां शुभ मानी गई हैं।
 
22 जनवरी 2024 को रहेंगे 4 महायोग :  
  1. सर्वार्थ सिद्धि योग- प्रातः काल 7.14 बजे से अगले दिन 23 जनवरी को सवेरे 4.58 बजे से रहेंगे।
  2. अमृत सिद्धि योग- प्रातः काल 7.14 बजे से अगले दिन 23 जनवरी को सवेरे 4.58 बजे से रहेंगे।
  3. रवि योग- 22 जनवरी की सवेरे 4.58 बजे से अगली सुबह 7.13 बजे तक रहेगा।
  4. एन्द्र योग- 08:45:48 तक ब्रह्म योग इसके बाद एन्द्र योग रहेगा जो अगले दिन 08:03:38 तक रहेगा।

84 सेकंड का शुभ मुहूर्त : 22 जनवरी 2024 सोमवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.11:32 बजे से 12.54:4 बजे तक रहेगा। इस बीच 12 बजकर 29 मिनट और 8 सेकंड से मूल मुहूर्त प्रारंभ होगा, जो 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड तक चलेगा।
 
इस दिन रहेगा मृगशिरा नक्षत्र : विद्वानों के मुताबिक संपूर्ण राष्ट्र के लिए यह दिन बड़ा ही महत्वपूर्ण है क्योंकि मृगशिरा नक्षत्र कृषि कार्य, व्यापार, विदेश यात्रा के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। हमारा भारत देश विशेष रूप से कृषि प्रधान देश है और अयोध्या में रामलला की प्राण- प्रतिष्ठा के साथ हमारे राष्ट्र का भी कल्याण होगा। 
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कौन कराएगा पूजा और प्राण-प्रतिष्ठा : राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा शिव नगरी काशी के प्रतिष्ठित आचार्य पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित पुत्र सुनील दीक्षित सहित अपने शिष्यों के साथ रामानंद संप्रदाय के अनुरूप पूजा कराई जाएगी। पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ और उनकी शिष्य मंडली भी पूजा और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराएंगे। शास्त्री मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं, किन्तु 4 पीढ़ियों से इनका परिवार वाराणसी में रह रहा है। द्रविड़ के बारे में कहा जाता है कि ये ज्योतिष के प्रकांड विद्वान् हैं। इस दौरान देश के कोने-कोने से आए हुए वेदों की सभी शाखाओ के विद्वान् अपनी-अपनी शाखा के साथ मंत्रों का पाठ करेंगे। 
 
सबसे पहले भगवान रामलला को आईना दिखाया जाएगा। उसके बाद दलपूजा के लिए आचार्यों की 3 टीमें बनाई गईं है। पहले दल का नेतृत्व स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। दूसरे दल का नेतृत्व शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती करेंगे। विजयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य हैं। तीसरी टीम में काशी के 21 विद्वान रखे गए हैं।
पीएम मोदी के साथ गर्भगृह में कौन लोग होंगे उपस्थित : रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के समय मोदी के साथ गर्भगृह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्य आचार्य मौजूद रहेंगे, रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के समय पर्दा बंद रहेगा और रामलला की मूर्ति की पट्टी हटते समय 5 लोग मौजूद रहेंगे।
 
ये लोग भी रहेंगे प्रांगण में उपस्थित : इस पूरे आयोजन में देश के 150 प्रकांड विद्वानों के आने की संभावना है। इस अवसर पर देश भर से 4000 संत-महात्मा और समाज के 2500 प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद रहेंगे। काशी हिन्दू विवि के धर्म शास्त्र मीमांसा विभाग के विभागध्यक्ष प्रो. माधव जनार्दन रटाटे के अनुसार जब राम लला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होगी, वह वक्त ऋषियों का होगा।
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राम मंदिर उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की रूप रेखा:-

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