shiv chalisa

किसे करना चाहिए रविवार का व्रत, जानिए 10 खास बातें

अनिरुद्ध जोशी
रविवार का ग्रह सूर्य ग्रह है। रविवार की प्रकृति ध्रुव है। यह भगवान विष्णु और सूर्यदेव का दिन है। मान, सम्मान, पद प्रतिष्ठा, अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए। यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति निम्निलिखित अनुसार है तो रविवार का व्रत करना चाहिए। आओ जानते हैं कि किसे रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
 
1. यदि आपकी राशि सिंह है तो आपको रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
2. कुंडली में सूर्य के साथ शनि हो या राहु हो तो भी आपको रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
3. राहु यदि लग्न में है और सूर्य किसी भी भाव में स्थित है या पितृदोष है तो भी आपको रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
4. यदि सूर्य और मंगल साथ हों और चन्द्र और केतु भी साथ हों, तो भी उपाय के साथ ही व्रत भी रखना चाहिए।
 
5. सूर्य के शुक्र, राहु और शनि शत्रु हैं यदि सूर्य इनसे ग्रसित हो रहा है तो भी रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
6. सूर्य यदि छठे, सातवें और आठवें भाव में हो तो भी उपाय के साथ ही व्रत भी रखना चाहिए।
 
7. सिरदर्द, अकड़न, धड़कन, बेहोशी, कफ, बलगम, दांतों में तकलीफ हो तो भी उपाय के साथ ही व्रत भी रखना चाहिए।
 
8. जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक न हो तो उसे समाज में मान-सम्मान नहीं मिलता है। उसे जीवनभर कष्ट रहता है। उसके जीवन में खुशहाली नहीं आ पाती। इसीलिए रविवार के दिन व्रत करने का महत्व बढ़ जाता है।
 
 
9. सूर्य खराब हो तो गुरु, देवता और पिता साथ छोड़ देते हैं। राज्य की ओर से दंड मिलता है। नौकरी चली जाती है। सोना खो जाता है या चोरी हो जाता है। यदि घर पर या घर के आस-पास लाल गाय या भूरी भैंस है तो वह खो जाती है या मर जाती है। ऐसी स्थिति में भी सूर्य के उपाय के साथ ही रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
 
10. यदि सूर्य और शनि एक ही भाव में हो तो घर की स्त्री को कष्ट होता है। यदि सूर्य और मंगल साथ हो और चन्द्र और केतु भी साथ हो तो पुत्र, मामा और पिता को कष्ट। ऐसी स्थिति में भी सूर्य के उपाय के साथ ही रविवार का व्रत रखना चाहिए।
 
उपाय:
* घर की पूर्व दिशा वास्तुशास्त्र अनुसार ठीक करें।
* भगवान विष्णु की उपासना।
* बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं।
* सूर्य को अर्घ्य देना।
* रविवार का व्रत रखना।
* मुंह में मीठा डालकर ऊपर से पानी पीकर ही घर से निकलें।
* पिता का सम्मान करें। प्रतिदिन उनके चरण छुएं।
* आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
* गायत्री मंत्र का जाप करें।
* तांबा, गेहूं एवं गुड़ का दान करें।
* प्रत्येक कार्य का प्रारंभ मीठा खाकर करें।
* तांबे के एक टुकड़े को काटकर उसके दो भाग करें। एक को पानी में बहा दें तथा दूसरे को जीवनभर साथ रखें।
* ॐ रं रवये नमः या ॐ घृणी सूर्याय नमः 108 बार (1 माला) जाप करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शनि की साढ़ेसाती का 3 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 2 राशियों पर ढैय्या का क्या होगा असर?

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

February 2026 Festivals: फरवरी माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार

बृहस्पति का इस वर्ष 2026 में 3 राशियों में होगा गोचर, किस राशि को क्या मिलेगा, कौन होगा परेशान

महाशिवरात्रि का त्योहार कब मनाया जाएगा, 15 या 16 फरवरी 2026?

सभी देखें

नवीनतम

08 February Birthday: आपको 8 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 8 फरवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Rashifal 2026: इस सप्ताह क्या कहता है 12 राशियों का भाग्य, पढ़ें (साप्ताहिक राशिफल 09 से 15 फरवरी तक)

कुंभ राशि में सूर्य-राहु की युति: 13 फरवरी से 'ग्रहण योग', इन 4 राशियों के लिए सावधानी का समय

Saptahik Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल 9 से 15 फरवरी, जानें इस सप्ताह आपके लिए क्या लाएगा आपका मूलांक

अगला लेख