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Sawan pradosh upay 2024: सावन माह के अंतिम प्रदोष व्रत पर कर लें ये एकमात्र उपाय, कर्ज से मिलेगी मुक्ति

Sawan Shani pradosh vrat 2024: सावन शनि प्रदोष व्रत का महत्व, मुहूर्त और उपाय के बारे में जानकारी

WD Feature Desk
शुक्रवार, 16 अगस्त 2024 (17:25 IST)
Shani pradosh vrat 2024 date: श्रावण माह में 2 प्रदोष आते हैं दोनों का ही खास महत्व रहता है। पहला प्रदोष 01 अगस्त 2024 गुरुवार को था और अब दूसरा प्रदोष 17 अगस्त 2024 शनिवार को रहेगा। इसे शनि प्रदोष कहेंगे। इस दिन शाम को प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन मात्र एक उपाय करने से कर्ज से मुक्ति मिलेगी। 
 
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ- 17 अगस्त 2024 को सुबह 08:05 बजे से।
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 18 अगस्त 2024 को सुबह 05:51 बजे समाप्त।
 
प्रदोष पूजा मुहूर्त- शाम 06:58 से रात्रि 09:09 तक।
 
महत्व : प्रदोष व्रत द्वादशी, त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। अगर किसी जातक को भोलेनाथ को प्रसन्न करना हो तो उसे प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए। इस व्रत को करने से शिव प्रसन्न होते हैं तथा व्रती को सभी सांसारिक सुख तथा पुत्र प्राप्ति का वर देते हैं। अत: इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ शिव जी की उपासना करें तो सभी कष्‍ट और परेशानियां दूर होकर शनि प्रकोप, साढ़ेसाती/ ढैया का प्रभाव कम हो जाता है।
 
कर्ज मुक्ति के लिए उपाय:-
 
एक मात्र उपाय:- कर्ज से मुक्ति और धन के लिए सावन में किसी भी दिन से शिव चालीसा का पाठ लगातार 40 दिनों के लिए प्रारंभ करें।
 
1. एक नारियल पर चमेली का तेल मिले सिन्दूर से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। कुछ भोग (लड्डू अथवा गुड़-चना) के साथ हनुमानजी के मंदिर में जाकर उनके चरणों में अर्पित करके ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। तत्काल लाभ प्राप्त होगा।
 
2. शनिवार के दिन सुबह नित्य कर्म व स्नान आदि करने के बाद अपनी लंबाई के अनुसार काला धागा लें और इसे एक नारियल पर लपेट लें। इसका पूजन करें और उसको नदी के बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही भगवान से ऋण मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
 
3. धन प्राप्ति हेतु प्रदोष तिथि पर शिवलिंग पर गुड़ अर्पित करके आर्थिक समस्या दूर करने की प्रार्थना करें। मान्यतानुसार ऐसा करने भोले बाबा का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही मनचाही मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
 
4. इसके अलावा प्रदोष के दिन भोलेनाथ का पंचामृत से अभिषेक करके पार्वती जी को शृंगार सामग्री चढ़ाएं, यह उपाय बहुत कारगर माना गया हैं। तत्पश्चात गरीबों दान-दक्षिणा दें।   
 
5. त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित होने के कारण इस दिन शिव-पार्वती की पूजाअर्चना करने का महत्व है। अतः प्रदोष के दिन सफेद रंग के वस्त्र पहन कर पूजा करें।  
 

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