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शुक्र प्रदोष का व्रत रखने से शुक्र होगा मजबूत और मिलेगा शिवजी और लक्ष्मी माता का आशीर्वाद, जानें उपाय

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WD Feature Desk

, गुरुवार, 15 जनवरी 2026 (18:08 IST)
Shukra Pradosh 2026: 16 जनवरी 2026 को शुक्रवार है और इसी दिन त्रयोदशी यानी प्रदोष तिथि है, इसलिए इसे 'शुक्र प्रदोष' कहा जाएगा। शुक्र प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। जब त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो इसे 'शुक्र प्रदोष' कहा जाता है। 
 
1. माघ कृष्ण प्रदोष व्रत (शुक्र प्रदोष)
धार्मिक महत्व: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में शिव जी कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। प्रदोष व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव की कृपा पाने का दिन है, लेकिन शुक्रवार का दिन होने के कारण इसमें देवी लक्ष्मी (शुक्र ग्रह के प्रभाव) की ऊर्जा भी सम्मिलित हो जाती है।
 
फल: शुक्र प्रदोष का व्रत करने से सौभाग्य, वैवाहिक सुख और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह व्रत उन लोगों के लिए रामबाण माना जाता है जिनके वैवाहिक जीवन में तनाव है या जो कर्ज (Debt) से परेशान हैं। इस दिन व्रत रखने से जीवन में सुख-शांति, प्रेम, सौंदर्य और आर्थिक समृद्धि आती है।
 
प्रार्थना: पुराणों के अनुसार, प्रदोष के समय शिव जी इतने प्रसन्न होते हैं कि वे सभी देवताओं की उपस्थिति में 'नटराज' रूप में नृत्य करते हैं। इसलिए इस समय की गई प्रार्थना सीधे शिव जी तक पहुँचती है।
 
2. पूजा का शुभ मुहूर्त (16 जनवरी 2026)
प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा सूर्यास्त के समय यानी 'प्रदोष काल' में की जाती है।
प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 05:46 से रात 08:26 तक।
अभिजीत मुहूर्त (दोपहर): 12:09 से 12:52 तक (दान आदि के लिए श्रेष्ठ)।
 
3. पूजा विधि (Step-by-Step)
प्रातः काल: स्नान के बाद सफेद रंग के वस्त्र धारण करें (शुक्रवार का रंग सफेद है)।
संकल्प: हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें।
दिन भर: निराहार रहें या फलाहार (दूध, फल) लें।
मुख्य पूजा (शाम को): शिवलिंग का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें।
शिव जी को सफेद चंदन लगाएं और सफेद फूल (जैसे चांदनी या मोगरा) अर्पित करें।
माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं।
'प्रदोष व्रत कथा' का पाठ करें या सुनें।
 
4. शुक्र प्रदोष के विशेष उपाय (सुख-समृद्धि के लिए)
कल के दिन आप अपनी मनोकामना के अनुसार ये छोटे उपाय कर सकते हैं:
आर्थिक उन्नति के लिए: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय उसमें थोड़ा सा गन्ने का रस या शहद मिलाएं। इससे रुका हुआ धन वापस आने के योग बनते हैं।
वैवाहिक सुख के लिए: शिव-पार्वती को एक साथ गुलाबी या लाल गुलाब अर्पित करें और "ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः" का जाप करें।
शुक्र ग्रह की शांति के लिए: शिवलिंग पर चावल (अक्षत) और मिश्री चढ़ाएं। इससे शुक्र दोष दूर होता है और सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं।
 
5. क्या खाएं और क्या न खाएं?
वर्जित: इस दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन), मांस-मदिरा और अन्न का त्याग करना चाहिए। नमक का सेवन कम से कम करें (सेंधा नमक ले सकते हैं)।
शुभ: दूध से बनी चीजें या सफेद फल खाना शुभ माना जाता है।
 

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