Biodata Maker

Shukra Tara Ast : 3 अगस्त 2023 को होगा शुक्र का तारा अस्त

पं. हेमन्त रिछारिया
हमारे सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य के लिए एक अभीष्ट मुहूर्त निर्धारित है। वहीं कुछ अवधि ऐसी भी होती है जब शुभकार्य के मुहूर्त का निषेध होता है। इस अवधि में सभी शुभ कार्य जैसे विवाह,मुंडन,सगाई,गृहारम्भ व गृहप्रवेश के साथ व्रतारम्भ एवं व्रतउद्यापन आदि वर्जित रहते हैं। शुभ एवं मांगलिक मुहूर्त्त के निर्धारण में गुरु एवं शुक्र के तारे का उदित स्वरूप होना बहुत आवश्यक है। गुरु व शुक्र के तारे के अस्त होने पर किसी भी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों के मुहूर्त नहीं बनते। August माह में शुक्र का तारा पश्चिम दिशा में अस्त होने जा रहा है।
 
शुक्र के तारे की अस्तोदय अवधि-
 
-दिनांक 03 अगस्त 2023, दिन गुरुवार, कृष्ण पक्ष की द्वितीया को शुक्र का तारा पश्चिम दिशा में अस्त होगा जो दिनांक 17 अगस्त 2023, दिन गुरुवार, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पूर्व दिशा में उदित होगा। पंचांग भेद व मतान्तर से शुक्रास्त की अवधि दिनांक 04 अगस्त 2023 से 18 अगस्त 2023 के मध्य रहेगी। इस अवधि में शुक्रास्त होने के कारण समस्त मांगलिक एवं शुभकार्य वर्जित रहेंगे।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमंत रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र
संपर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

सबरीमाला मंदिर के सामने स्थित पहाड़ी पर 3 बार दिखाई देने वाले दिव्य प्रकाश का क्या है रहस्य?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

Horoscope:धनु राशि में चतुर्ग्रही योग, 4 राशियों के लिए बेहद शुभ

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

नवीनतम

मनचाहा फल पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में करें ये 5 अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर

बुध ग्रह का शनि की राशि मकर में गोचर, 6 राशियों को मिलेगा अपार लाभ

बुध ग्रह का शनि की राशि मकर में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

शनि और शुक्र का लाभ दृष्टि राजयोग, 4 राशियों को होगी धन की प्राप्ति

तिल द्वादशी व्रत कब और क्यों किया जाता है, जानें महत्व और पूजा विधि और मुहूर्त

अगला लेख