Dharma Sangrah

Astrology weekly muhurat : पंचांग और चौघड़िया के आधार पर जानें साप्ताहिक शुभ मुहूर्त

पं. हेमन्त रिछारिया
शनिवार, 17 अगस्त 2024 (16:59 IST)
2024 weekly muhurat : वेबदुनिया यहां अपने प्रिय पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहा हैं साप्ताहिक पंचांग के शुभ मुहूर्त। यहां आप जानेंगे 19 से 25 अगस्त 2024 तक के व्रत, विशेष त्योहार, ग्रह गोचर, आने वाले खास दिनों के बारे में हर जानकारी एक साथ... 

ALSO READ: दिवाली का त्योहार कब रहेगा, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?
 
(साप्ताहिक शुभ मुहूर्त : 19 से 25 अगस्त 2024 तक)
 
19 अगस्त 2024, सोमवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-श्रावण
पक्ष-शुक्ल
ऋतु-वर्षा
वार-सोमवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-पूर्णिमा
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-श्रवण
योग (सूर्योदयकालीन)-शोभन
करण (सूर्योदयकालीन)-विष्टि
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय- 6:00 से 7:30 तक, 9:00 से 10:30 तक, 3:31 से 6:41 तक
राहुकाल-प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तक  
दिशा शूल-आग्नेय 
योगिनी वास-वायव्य
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-कुम्भ
व्रत/मुहूर्त-श्रावणी उपाकर्म/रक्षाबंधन पर्व /सर्वार्थसिद्धि योग/भद्रा/पंचक प्रारंभ (रात्रि 7:00 बजे से)
यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
आज का उपाय-शिवलिंग का गाय के दूध से अभिषेक करें। 
वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

20 अगस्त 2024, मंगलवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-भाद्रपद
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-वर्षा
वार-मंगलवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-प्रतिपदा
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-शतभिषा
योग (सूर्योदयकालीन)-अतिगण्ड
करण (सूर्योदयकालीन)-बालव
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय-10:46 से 1:55, 3:30 5:05 तक
राहुकाल- दोप. 3:00 से 4:30 बजे तक
दिशा शूल-उत्तर 
योगिनी वास-पूर्व
गुरु तारा-उदित  
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-कुम्भ
व्रत/मुहूर्त-वाहन क्रय मुहूर्त
यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
आज का उपाय-250 ग्राम बताशे बहते जल में प्रवाहित करें।
वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

21 अगस्त 2024, बुधवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-भाद्रपद
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-वर्षा
वार-बुधवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-द्वितीया
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाभाद्रपद
योग (सूर्योदयकालीन)-सुकर्मा
करण (सूर्योदयकालीन)-तैतिल
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय- 6:00 से 9:11, 5:00 से 6:30 तक
राहुकाल- दोप. 12:00 से 1:30 बजे तक
दिशा शूल-ईशान
योगिनी वास-उत्तर
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थित-मीन
व्रत/मुहूर्त-भद्रा/व्यापार मुहूर्त/अशून्य व्रत
यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
आज का उपाय-बहते जल में 27 मूंग के दाने प्रवाहित करें।
वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

ALSO READ: Kajari teej: कजरी तीज कब है, क्या करते हैं इस दिन?
 
22 अगस्त 2024, गुरुवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-भाद्रपद
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-वर्षा
वार-गुरुवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-तृतीया
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-उत्तराभाद्रपद
योग (सूर्योदयकालीन)-धृति
करण (सूर्योदयकालीन)-विष्टि
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय- 6:00 से 7:30, 12:20 से 3:30, 5:00 से 6:30 तक
राहुकाल-दोप. 1:30 से 3:00 बजे तक
दिशा शूल-आग्नेय  
योगिनी वास-आग्नेय
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-मीन
व्रत/मुहूर्त-कज्जली (कजरी) तीज/श्री गणेश संकष्टी चतुर्थी (चंद्रोदय रात्रि 9:00 बजे)
यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
आज का उपाय-गणेश मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

23 अगस्त 2024, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-भाद्रपद
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शरद
वार-शुक्रवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-चतुर्थी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-रेवती
योग (सूर्योदयकालीन)-शूल
करण (सूर्योदयकालीन)-बालव
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय- 7:30 से 10:45, 12:20 से 2:00 तक
राहुकाल-प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तक
दिशा शूल-वायव्य 
योगिनी वास-नैऋत्य
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-मेष
व्रत/मुहूर्त-अमृतसिद्धि योग/पंचक समाप्त/शरद ऋतु प्रारंभ
यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
आज का उपाय-पीपल के वृक्ष पास चींटियों के लिए आटा व शकर मिश्रित कर डालें।
वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

24 अगस्त 2024, शनिवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-भाद्रपद  
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शरद
वार-शनिवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-पंचमी/षष्ठी-(क्षय)
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-अश्विनी
योग (सूर्योदयकालीन)-वृद्धि
करण (सूर्योदयकालीन)-तैतिल
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय- 7:30 से 10:45, 12:20 से 2:00
राहुकाल-प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तक
दिशा शूल-वायव्य 
योगिनी वास-दक्षिण 
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-मेष
व्रत/मुहूर्त-मूल समाप्त/शुक्र गोचर/वाहन क्रय
यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
आज का उपाय-शनि मंदिर में सात बादाम चढ़ाएं। 
वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

25 अगस्त 2024, रविवार के शुभ मुहूर्त
 
शुभ विक्रम संवत्-2081, शक संवत्-1946, ईस्वी सन्-2024
संवत्सर नाम-कालयुक्त
अयन-दक्षिणायण
मास-भाद्रपद
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-शरद
वार-रविवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-सप्तमी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-भरणी
योग (सूर्योदयकालीन)-ध्रुव
करण (सूर्योदयकालीन)-विष्टि
लग्न (सूर्योदयकालीन)-सिंह
शुभ समय-9:11 से 12:21, 1:56 से 3:32 
राहुकाल- सायं 4:30 से 6:00 बजे तक
दिशा शूल-पश्चिम 
योगिनी वास-वायव्य
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-वृषभ
व्रत/मुहूर्त-भद्रा/हलषष्ठी (हरछठ)/त्रिपुष्कर योग
यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
आज का उपाय-सूर्यास्त से पूर्व बिना नमक का भोजन करें।
वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
 
(निवेदन-उपर्युक्त विवरण पंचांग आधारित है पंचांग भेद होने पर तिथि/मुहूर्त/समय में परिवर्तन होना संभव है।)
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
ALSO READ: बहुला चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा और क्या है इसका महत्व और कथा?

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Gupt Navratri 2026: माघ गुप्त नवरात्रि साधना के 8 वो गुप्त रहस्य, जिन्हें आज भी छिपाकर रखते हैं साधक

Mauni amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर क्या न करें? जानिए 5 जरूरी सावधानियां

Rath Saptami 2026: रथ सप्तमी का अर्थ, आरती, पूजा विधि, चालीसा और लाभ

खरमास समाप्त, मांगलिक कार्य प्रारंभ, जानिए विवाह और वाहन खरीदी के शुभ मुहूर्त

हिंदू नववर्ष पर प्रारंभ हो रहा है रौद्र संवत्सर, 5 बातों को लेकर रहे सावधान

सभी देखें

नवीनतम

22 January Birthday: आपको 22 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जनवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर करें ये 5 अचूक उपाय, बुद्धि और ज्ञान का खुल जाएगा ताला

Panchak January 2026: सावधान! इस दिन से शुरू हो रहा है जनवरी का पंचक, भूलकर भी न करें ये 5 शुभ काम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 जनवरी, 2026)

अगला लेख