Dharma Sangrah

बैरुज रत्न के अद्भुत 5 फायदे, 4 ग्रहों के दोष मिटाता है ये रत्न

Webdunia
रत्न और उपरत्न कई प्रकार के होते हैं। जैसे- मूंगा (प्रवाल), ओपल या हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, पुखराज, नील, गोमेद, लहसुनिया सुलेमानी पत्थर, वैक्रांत, यशद, फिरोजा, अजूबा, अहवा, अबरी, अमलिया, उपल, उदाऊ, कर्पिशमणि, कसौटी, कटैला, कांसला, कुरण्ड, कुदरत, गुदड़ी, गोदंती, गौरी, चकमक, चन्द्रकांत, चित्तो, चुम्बक, जबरजद्द, जहर मोहरा, जजेमानी, झरना, टेढ़ी, डूर, तिलियर, तुरसावा, तृणमणि, दाने फिरग, दांतला, दारचना, दूरनजफ, धुनला, नरम या लालड़ी, नीलोपल या लाजवर्त, पनघन, हकीक, पारस, फाते जहर, फिरोजा, बसरो, बांसी, बेरुंज, मरगज, मकड़ी, मासर मणि, माक्षिक, मूवेनजफ, रक्तमणि या तामड़ा, रक्ताश्म, रातरतुआ, लास, मकराना, लूधिया, शेष मणि, शैलमणि या स्फटिक, शोभामणि या वैक्रांत, संगिया, संगेहदीद, संगेसिमाक, संगमूसा, संगमरमर, संगसितारा, सिफरी, सिन्दूरिया, सींगली, सीजरी, सुनहला, सूर्यकांत, सुरमा, सेलखड़ी, सोनामक्खी, हजरते बेर, हजरते ऊद, हरितोपल, हरितमणि आदि। प्राचीन ग्रंथों में रत्नों के 84 से अधिक प्रकार बताए गए हैं। उनमें से बहुत तो अब मिलते ही नहीं। आओ जानते हैं बैरुज रत्न के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
यह रत्न बहुत ही पारदर्शी होता है। यह रत्न कई रंगों का होता है और रंगों के अनुसार ही इसके ग्रह भी तय है। जैसे नीला रंग शनि का, हरा रंग बुध का, फिरोजी रंग शुक्र का और सफेद रंग चंद्र का होता है। इसे अंग्रेजी में एक्वामरीन ( Aquamarine ) कहते हैं।
 
1. यह रत्नी चार ग्रहों के दोष मिटाता है जैसे शनि, बुध, शुक्र और चंद्र। यह नीलम, पन्ना, हीरा या ओपल और मोदी का उपरत्न है। 
 
2. इसे पहनने से मस्तिष्क शांत रहता है और मन में अनावश्यक विचार नहीं आते हैं। यह मन को प्रसन्न रखता है और आंतरिक उर्जा को बढ़ता है।
 
3. यह संबंधों को मधुर बनाता और जीवन में प्यार घोल देता है। यह दांपत्य जीवन की परेशानियों को मिटाता है। 
 
 
4. इससे जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति करने में मदद मिलती है। सफलता आसान हो जाती है।
 
5. कहते हैं कि इसे धारण करने से गले, लीवर और पेट संबंधी रोग में लाभ मिलता है। साथ ही यह शरीर में गर्मी को कंट्रोल भी करता है। ऐसा भी कहा जाता है कि यह शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखता है।
 
नोट : इस रत्न को कुंडली में उपरोक्त 4 ग्रहों में से जो भी बुरा फल दे रहा हो उसके अनुसार ज्योतिष की सलाह पर धारण करना चाहिए।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

मकर राशि में बना दुर्लभ पंचग्रही योग, इन 5 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में मां कालिका की यह साधना क्यों मानी जाती है खास? जानिए रहस्य

सभी देखें

नवीनतम

श्रवण नक्षत्र में बुधादित्य योग, किन 5 राशियों के लिए है फायदेमंद

Jaya Ekadashi 2026:: जया (अजा) एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर करें ये 5 अचूक उपाय, बुद्धि और ज्ञान का खुल जाएगा ताला

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (23 जनवरी, 2026)

23 January Birthday: आपको 23 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख